संवाददाता। राजेन्द्र बबलू पोखरना
कोटड़ी
साहित्य एवं अध्यात्म-दर्शन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशिष्ट साहित्यकारा एवं स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, कोटड़ी की शिक्षिका ऋतु चतुर्वेदी को प्रतिष्ठित ‘श्री अशोक कुमार सक्सेना भारतीय अध्यात्म-दर्शन-विभूषण साहित्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया। त्रिसुगंधी साहित्य, कला एवं संस्कृति संस्थान, उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
संस्थान की संस्थापक एवं अध्यक्ष आशा पाण्डेय ‘ओझा’ ने बताया कि ऋतु चतुर्वेदी को उक्त सम्मान उनकी चर्चित साहित्यिक कृतियों ‘गीतामिय-काव्य कुंभ’ एवं ‘मानस-गीतामिय’ में भारतीय अध्यात्म, दर्शन, संस्कृति एवं जीवन-मूल्यों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति के लिए प्रदान किया गया है। उनकी दोनों कृतियों को पाठकों एवं साहित्यप्रेमियों द्वारा विशेष सराहना प्राप्त हुई है। ऋतु चतुर्वेदी की साहित्यिक लेखनी में भारतीय ज्ञान-परंपरा, आध्यात्मिक चेतना, जीवन-दर्शन एवं मानवीय मूल्यों का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने साहित्य-सृजन के साथ-साथ मॉडल स्कूल, कोटड़ी में शिक्षिका के रूप में अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए शिक्षा एवं साहित्य, दोनों क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। सम्मान समारोह में साहित्यकारा ऋतु चतुर्वेदी को सम्मान राशि, प्रशस्ति-पत्र, श्रीफल, उपरणा एवं पारंपरिक पागड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न केवल उनके साहित्यिक अवदान का सम्मान है, बल्कि मॉडल स्कूल कोटड़ी,भीलवाड़ा एवं समूचे क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय है। साहित्य एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने ऋतु चतुर्वेदी को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए बधाई देते हुए उनके निरंतर साहित्यिक सृजन एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उनके इस सम्मान से क्षेत्र में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नई प्रेरणा मिलेगी।
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