26 हजार न्यूनतम वेतन समेत 10 मांगों को लेकर श्रमिकों ने भरी हुंकार, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

BHILWARA
Spread the love



*पुनित चपलोत*

भीलवाड़ा। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण, ठेका प्रथा और श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध में सोमवार को श्रमिक संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। देश की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर सीटू सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ता मुखर्जी पार्क में एकत्र हुए। यहां से रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
रैली में इंटर यूनियन के जिला अध्यक्ष दीपक व्यास, महामंत्री कान सिंह, कार्यालय सचिव सत्यनारायण सेन, सीटू के प्रदेश सचिव ओमप्रकाश देवानी, जलदाय यूनियन के कन्हैया लाल शर्मा, टेक्सटाइल यूनियन के सोनू शर्मा सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रमिक शामिल हुए।
श्रमिक नेताओं ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मेहनतकश वर्ग की अहम भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्यस्थल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने श्रमिक आंदोलनों के दौरान गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई और मुकदमे वापस लेने की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन के बाद श्रमिक संगठनों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में श्रमिक विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह करने, आठ घंटे का कार्यदिवस लागू करने तथा अतिरिक्त काम पर दोगुना ओवरटाइम देने की मांग की गई।
इसके अलावा संविदा एवं ठेका श्रमिकों को समान काम के लिए समान वेतन, नियमितीकरण, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण, सस्ती एलपीजी, पेंशन, ईएसआई और पीएफ सहित सामाजिक सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की गई। श्रमिक नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और श्रमिक आंदोलनों पर दमन बंद करने की भी मांग रखी।