तीन हजार से अधिक शिवभक्तों ने पहुंचकर किए दर्शन, वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से संपन्न हुआ दिव्य आयोजन
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
श्रावण मास के पावन अवसर पर शाहपुरा पंचायत समिति क्षेत्र के देवपुरी स्थित श्री खालका के बालाजी परिसर में ऋण मुक्तेश्वर महादेव के दरबार में सोमवार को आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा क्षेत्र दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा। यहां आयोजित 108 पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं कछवा स्थापना महोत्सव में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में शिवभक्त पहुंचे। आयोजकों के अनुसार दिनभर में तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने आयोजन में भाग लेकर भगवान शिव के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रावण मास, तेरस प्रदोष और धार्मिक अनुष्ठानों के विशेष अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के साथ बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।

108 पार्थिव शिवलिंगों का विधि-विधान से पूजन-
कार्यक्रम संयोजक संजय मंत्री ने बताया कि आयोजन वैदिक परंपराओं और धार्मिक विधि-विधान के अनुसार पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में 108 पार्थिव शिवलिंगों का पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का अभिषेक, पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
उन्होंने बताया कि पूरा आयोजन पं. जगदीशचंद्र दाधीच के निर्देशन एवं सानिध्य में संपन्न हुआ। पं. जगदीशचंद्र दाधीच नर्मदा की तीन बार परिक्रमा कर चुके हैं। उनके निर्देशन में हुए वैदिक अनुष्ठानों ने आयोजन को विशेष धार्मिक स्वरूप प्रदान किया। पूजन के दौरान मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज, धूप-अगरबत्ती की सुगंध और फूलों से सजे शिवलिंगों के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते हुए भगवान शिव की आराधना में लीन नजर आए।
सुबह से शाम तक शिवभक्ति में डूबा देवपुरी-
आयोजन के दौरान देवपुरी का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। आसपास के गांवों से श्रद्धालु समूहों में आयोजन स्थल पर पहुंचे। कई श्रद्धालु परिवार सहित भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव के दर्शन करने पहुंचे तो अनेक भक्तों ने पूजा-अर्चना और अभिषेक में सहभागिता की।
श्रावण मास के चलते क्षेत्र में पहले से ही शिवभक्ति का माहौल बना हुआ है। कांवड़िए भी मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। ऐसे में 108 पार्थिव शिवलिंग पूजन के आयोजन ने धार्मिक वातावरण को और भक्तिमय बना दिया। मंदिर परिसर में पूरे दिन “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं में आयोजन को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया।
ऋण मुक्तेश्वर महादेव को लेकर विशेष आस्था-
देवपुरी स्थित ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर की अपनी अलग धार्मिक पहचान है। मंदिर को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान शिव को चने की दाल अर्पित करने से ऋण और कर्ज से मुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार चने की दाल अर्पित कर भगवान शिव से ऋण मुक्ति, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। सोमवार के आयोजन में भी कई श्रद्धालुओं ने भगवान ऋण मुक्तेश्वर महादेव के समक्ष चने की दाल सहित विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की। इसी मान्यता ने देवपुरी के ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर को क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाई है।
श्रद्धालुओं में दिखा गजब का उत्साह-
कार्यक्रम संयोजक संजय मंत्री ने बताया कि आयोजन को लेकर ग्रामीणों और शिवभक्तों में शुरुआत से ही काफी उत्साह था। उम्मीद से कहीं अधिक संख्या में श्रद्धालु आयोजन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि वैदिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और धार्मिक विधि-विधान के साथ कार्यक्रम सानंद संपन्न हुआ। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर धर्म और आस्था के इस महापर्व में अपनी सहभागिता निभाई।
आस्था, भक्ति और परंपरा का संगम बना आयोजन-
देवपुरी में संपन्न हुआ यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आसपास के गांवों को भी एक साथ जोड़ने वाला आध्यात्मिक अवसर बन गया। 108 पार्थिव शिवलिंगों का पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार, अभिषेक और श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। तीन हजार से अधिक शिवभक्तों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि श्रावण में शिवभक्ति की लहर गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। सुबह से शुरू हुई आस्था की यह यात्रा शाम तक जारी रही और देवपुरी का श्री खालका के बालाजी परिसर दिनभर शिवभक्ति के रंग में रंगा रहा। शिवभक्तों की भीड़, वैदिक मंत्रों की गूंज और हर-हर महादेव के जयकारों के बीच 108 पार्थिव शिवलिंग पूजन महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
