काछोला सहकारी समिति ने रचा भीलवाड़ा जिले में इतिहास ,कंप्यूटरीकरण में प्रथम स्थान, 500 मीट्रिक टन गोदाम और कस्टम हायरिंग सेंटर से किसानों को मिला लाभ

BHILWARA
Spread the love


असलम रंगरेज

काछोला। काछोला ग्राम सेवा सहकारी समिति ने सहकारिता क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करते हुए भीलवाड़ा जिले में अपनी अलग पहचान बनाई है। समिति के व्यवस्थापक शंकर लाल सुथार के प्रयासों से समिति ने कंप्यूटरीकरण, अन्न भंडारण, कृषि यंत्र सुविधा और नए किसानों को जोड़ने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
भारत सरकार की पैक्स (PACS) कंप्यूटरीकरण योजना के तहत काछोला ग्राम सेवा सहकारी समिति ने भीलवाड़ा जिले में प्रथम स्थान हासिल किया। समिति के कार्यों को सहकारिता क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
500 मीट्रिक टन क्षमता का आधुनिक गोदाम
काछोला में अन्न भंडारण की सुविधा को मजबूत करने के उद्देश्य से 500 मीट्रिक टन क्षमता का आधुनिक गोदाम तैयार करवाया गया। इससे किसानों की उपज के सुरक्षित भंडारण में सुविधा मिलने के साथ समिति की भंडारण क्षमता भी बढ़ी है।
किसानों को कृषि यंत्रों की सुविधा
किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण किराए पर उपलब्ध कराने के लिए समिति में कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) शुरू करवाया गया। इससे किसानों को जरूरत के अनुसार आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध होने की सुविधा मिली है।
300 से अधिक नए किसान समिति से जुड़े
व्यवस्थापक शंकर लाल सुथार के प्रयासों से 300 से अधिक नए काश्तकारों को समिति से जोड़ा गया, जिससे उन्हें सहकारी समिति के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ मिलने का रास्ता आसान हुआ।
राजगढ़ में 10 लाख रुपये का दुर्घटना क्लेम
इसी क्रम में ग्राम पंचायत राजगढ़ क्षेत्र में एक पात्र प्रार्थी को 10 लाख रुपये का दुर्घटना क्लेम दिलाने में भी समिति स्तर से प्रयास किए गए। इस उपलब्धि पर जीएसएस अध्यक्ष राजगढ़ मुकेश पाराशर ने आभार व्यक्त किया।
समिति को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, किसानों तक सुविधाएं पहुंचाने और अधिक से अधिक काश्तकारों को सहकारिता से जोड़ने की दिशा में शंकर लाल सुथार की भूमिका को समिति से जुड़े लोगों ने सराहनीय बताया है। काछोला ग्राम सेवा सहकारी समिति की ये उपलब्धियां क्षेत्र में सहकारिता के विस्तार और किसान हित में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती हैं।