*दादा कायम खां की 607वीं यौमे-ए-शहादत पर तीन दिवसीय सेवा एवं सद्भाव कार्यक्रम आयोजित*

BHILWARA
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परिंडे वितरण, पशुओं को चारा, ऐतिहासिक कान जी का कुंड श्रमदान से संवारा, गरीब बच्चों को फल एवं राहगीरों को पिलाया शर्बते मोहब्बत

शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
मेवाड़ कायमखानी महासभा एवं जीव दया सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में कौम के बानी दादा नवाब कायम खां रहमतुल्लाह अलैह की 607वीं यौमे-ए-शहादत के अवसर पर 12 से 14 जून तक शाहपुरा में तीन दिवसीय सामाजिक सेवा एवं सद्भावना कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से जीव दया, मानव सेवा, पर्यावरण संरक्षण तथा हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया गया।


मेवाड़ कायमखानी महासभा के सचिव फिरोज खां ने बताया कि 12 जून को जुम्मे की नमाज के बाद मस्जिद कायमखानीयान में शहर काजी सैयद शराफत अली एवं मौलाना मुमताज की सदारत में कुरानखानी एवं सामूहिक दुआ का आयोजन किया गया। इसके पश्चात जीव दया सेवा समिति द्वारा बेजुबान पक्षियों के लिए निःशुल्क परिंडे वितरित किए गए ताकि भीषण गर्मी में पक्षियों को पानी उपलब्ध हो सके।


इस अवसर पर हाजी चांद खान कायमखानी, डॉ. मोहम्मद इशाक, नूर मोहम्मद दरियाखानी, राजू खान, सद्दीक खान हुसैनखानी, हाजी मुमताज खान, शब्बीर हुसैन आजाद, गुड्डू खान, बरकत खान दरियाखानी, इस्लाम खान, उस्मान खान दौलतखानी, महमूद खान, बाबू खान, चिराग खान, सलीम खान, फिरोज खान तथा नूर मोहम्मद सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
13 जून को दादा कायम खां, जिन्हें करुणा और हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है, की शहादत की स्मृति में फुलिया गेट के बाहर बेजुबान पशुओं को हरा चारा एवं गुड़ खिलाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी दिन कायम खां डे के अवसर पर लगभग 200 वर्ष पुराने ऐतिहासिक कान जी का कुंड, जो कभी शाहपुरा से फुलिया तक यात्रा करने वाले राहगीरों, पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों एवं बैलगाड़ी से आने-जाने वालों की प्यास बुझाने का प्रमुख स्रोत था, उसके संरक्षण के लिए सामूहिक श्रमदान अभियान चलाया गया।
स्थानीय प्रशासन की उपेक्षा के कारण अस्तित्व संकट से जूझ रहे इस ऐतिहासिक कुंड की साफ-सफाई कर उसे उसके मूल स्वरूप में लाने का सार्थक प्रयास किया गया। श्रमदान कार्यक्रम में हाजी चांद खान कायमखानी, मेवाड़ कायमखानी महासभा के सचिव फिरोज खां कायमखानी, जीव दया सेवा समिति के संयोजक अतू खां कायमखानी, समाज अध्यक्ष मुमताज खां कायमखानी, शौकत खां हुसैनखानी, फिरोज खान दिलावरखानी, पीसीसी सदस्य संदीप महावीर जीनगर, निवर्तमान पार्षद डॉ. मोहम्मद इशाक, सूफी चिराग खां कायमखानी, पूर्व कृषि अधिकारी नूर मोहम्मद, शिक्षाविद इस्माइल खान कायमखानी, गोरू खां भीमपुरा, हाजी उस्मान गनी सिलावट, हबीब खान दौलतखानी, पूर्व पार्षद रमेश व्यास, प्रभु सुगंधी, गोरू खां सामतखानी, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष अशोक भारद्वाज, सुरेंद्र सिंह राणावत, संचिना अध्यक्ष रामप्रसाद पारीक, कवि सत्येंद्र मंडेला सहित विभिन्न समाजों के अनेक लोगों ने भाग लेकर सामाजिक एकता का परिचय दिया।
उसी दिन शाम को मेवाड़ कायमखानी महासभा एवं जीव दया सेवा समिति द्वारा दलित बस्ती मोहन बाड़ी में गरीब बच्चों को फल एवं फ्रूट वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद वर्ग तक सेवा और अपनत्व का संदेश पहुंचाना रहा।
तीन दिवसीय कार्यक्रमों का समापन 14 जून को फुलिया गेट पर राहगीरों के लिए ष्शर्बते मोहब्बतष् वितरण के साथ हुआ। इस दौरान असलम खां (मुन्ना उस्ताद), मोहसिन खां, शौकत अंदाज सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे और राहगीरों को शीतल शरबत पिलाकर भाईचारे एवं इंसानियत का संदेश दिया।
आयोजकों ने बताया कि दादा कायम खां के जीवन के मूल मूल्यकृत्याग, सेवा, करुणा और सामाजिक सद्भाव आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं। इन्हीं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह जानकारी संयुक्त रूप से मेवाड़ कायमखानी महासभा के सचिव फिरोज खां कायमखानी, जीव दया सेवा समिति के संयोजक अतू खां कायमखानी तथा पूर्व पार्षद डॉ. मोहम्मद इशाक ने दी।