शक्करगढ़
बाघ की झोपड़िया –गांव के सैकड़ों ग्रामीणों का सब्र अब जवाब देने लगा है। समाजसेवी रामलाल मीना के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विधायक गोपीचंद मीना को ज्ञापन सौंपकर किशनगढ़ पंचायत में रहने की मांग की हे

ग्रामीणों ने कहा –
> “हमारे गांव के लोग 5 किलोमीटर दूर बाकरा जाकर नरेगा में काम करने को मजबूर हैं। बारिश हो या तपती धूप – बुजुर्ग, महिलाएं और मजदूर रोज़ाना कीचड़ में फिसलते हुए वहां तक जाते हैं। हमारी 80% जमीन किशनगढ़ पटवार क्षेत्र में है, गांव भी किशनगढ़ से सिर्फ 1 किमी दूर है, फिर हमें जबरन बाकरा से जोड़े रखना अन्याय है।”

ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि गांव में चारागाह और बिला नाम भूमि न होने से नरेगा के काम स्वीकृत नहीं हो पाते, जबकि किशनगढ़ पंचायत से जुड़ने पर गांव के पास ही सैकड़ों बीघा चारागाह भूमि है जिससे ग्रामीणों को काम आसानी से मिल सकता है।
> “अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो आने वाले पंचायत राज चुनाव में पूरा गांव वोट का बहिष्कार करेगा। जब सरकार हमें विकास और रोजगार नहीं दे सकती तो हम वोट क्यों डालें?”
उन्होंने बाकरा से बाघ की झोपड़िया तक सड़क मार्ग न होने को भी बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि इस कारण बीमारों को अस्पताल ले जाना और बच्चों का स्कूल जाना भी खतरे से खाली नहीं रहता। विधायक ने किशनगढ़ पंचायत में जोड़ने का आश्वासन दिया इस दौरान बाबूलाल मीना , अण्दा लाल मीना , कल्याण मीना , रामराज मीना , सत्यनारायण मीना सहित सेकडो महिला पुरुष मोजूद रहे
