खेल को खेल की भावना से खेलने वाला ही सच्चा खिलाड़ी है – बेरवा

BHILWARA
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शाहपुरा राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा-खेल का मैदान व्यक्ति निर्माण का केंद्र है। खेल के मैदान में जो पसीना बहता है वही जीवन में आगे बढ़ता है। व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास यदि कहीं होता है तो वह है खेल का मैदान इसीलिए खेल को खेल की भावना से खेलने वाला ही सच्चा खिलाड़ी होता है। यह बात राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय मिंडोलिया में आयोजित संस्कृत शिक्षा विभाग संभाग स्तरीय 14 वर्ष छात्र वर्ग खेलकूद प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा ने कहीं उन्होंने कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, बौद्धिक और प्राणिक स्वास्थ्य भी खेल के मैदान से शुरू होता है।

आज भारत खेल के क्षेत्र में विश्व में अपना परचम लहरा रहा है। आने वाला समय भारत का है। हमें खेल को प्रतिस्पर्धा की भावना से नहीं अनुस्पर्धा की भावना से खेलना है। प्रधानाध्यापक परमेश्वर लाल कुमावत ने बताया कि पांच दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का उद्घाटन डॉक्टर लालाराम बेरवा के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। अध्यक्षता संभागीय अधिकारी मुरारी लाल राव ने की। अतिथियों द्वारा मां शारदे के चरणों में दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन स्थानीय सरपंच गोपाल लाल बेरवा ने दिया।

विभागीय अधिकारी मुकेश शर्मा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मुख्य निर्णायक गोविंद कलवार ने प्रतियोगिता के दिशा निर्देश दिए। कार्यक्रम में आभार प्रधानाध्यापक परमेश्वर लाल कुमावत ने किया। संचालन डॉक्टर परमेश्वर प्रसाद कुमावत ने किया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष जीवराज गुर्जर, महामंत्री जगदीश बेरवा, उपाध्यक्ष भेरूलाल गाडरी, पूर्व सरपंच बालूराम जाट, डेयरी अध्यक्ष प्रतिनिधि कैलाश बागड़ा, पूर्व मंडल अध्यक्ष रामप्रसाद जाट, डेयरी सचिव प्रेम शंकर शर्मा, पूर्व प्रधानाध्यापक जगदीश चंद्र खटीक, अध्यापक कुलदीप सिंह, ओम प्रकाश कुमावत, हेमराज कुमावत, महावीर प्रसाद प्रजापत, महेंद्र कोली उपस्थित रहे।