शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी
शाहपुरा पंचायत समिति परिसर में शनिवार को आयोजित विधायक जनसुनवाई केंद्र के शिलान्यास समारोह ने महज एक विकास कार्य का रूप नहीं लिया, बल्कि यह आयोजन राजनीतिक आत्ममंथन और संगठनात्मक संदेश का मंच भी बन गया। विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने वैदिक विधि-विधान के साथ शिला पूजन कर जनसुनवाई केंद्र के निर्माण की विधिवत शुरुआत की और इसके बाद आयोजित समारोह को संबोधित किया।

इस अवसर पर पूर्व प्रधान गोपाल गुर्जर, पूर्व पालिका अध्यक्ष कन्हैयालाल धाकड़, भाजपा जिला महामंत्री अविनाश जीनगर, जिला मंत्री राजेंद्र बोहरा, नगर अध्यक्ष पंकज सुगंधी सहित भाजपा के अनेक मंडल अध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने आयोजन को राजनीतिक दृष्टि से भी खास बना दिया। हालांकि नगर पालिका चेयरमेन रघुनंदन सोनी की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बना रहा है।
अपने संबोधन में विधायक डॉ. बैरवा ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से अपने निवास स्थान पर बनाये गये केंद्र में नियमित रूप से जनसुनवाई करते आ रहे हैं। इस दौरान सैकड़ों लोगों की समस्याएं सुनी गईं और अनेक मामलों में त्वरित समाधान भी कराया गया। अब पंचायत समिति परिसर में स्थायी विधायक जनसुनवाई केंद्र के निर्माण से आम नागरिकों को एक सुलभ और भरोसेमंद मंच मिलेगा, जहां उनकी शिकायतें सुनी जाएंगी और संबंधित विभागों से समन्वय कर उनका शीघ्र निराकरण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र जनता और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करेगा।
इसके बाद विधायक का स्वर कुछ आत्ममंथन भरा नजर आया। उन्होंने दो वर्षों में किए गए विकास कार्यों और सरकार से लाई गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जितनी तेजी से शाहपुरा के लिए काम हुए, उतनी ही तेजी से उनका प्रचार-प्रसार जनता तक नहीं हो पाया। उन्होंने मंच से कहा, “माफ करना, यह हमारी कमी रही है। हम घंटों तक बैठकों और चर्चाओं में व्यस्त रहते हैं, लेकिन योजनाओं और कार्यों को जनता तक ठीक से नहीं पहुंचा पाए।”
पंचायत चुनाव नजदीक होने का जिक्र करते हुए विधायक ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट और सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता और पदाधिकारी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। “सौगातें अगर घर-घर नहीं पहुंचेंगी, तो जनता को कैसे पता चलेगा कि हमने दो साल में क्या किया,” कहते हुए उन्होंने प्रचार और जनसंपर्क को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया।

विधायक ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आने वाले समय में शाहपुरा को एक विकसित, सुव्यवस्थित और आदर्श विधानसभा क्षेत्र के रूप में पहचान दिलाना उनका संकल्प है। इसके लिए सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केवल बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि गांव-ढाणियों और वार्डों में जाकर जनता से सीधा संवाद स्थापित करें।
समारोह के अंत में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि विकास कार्यों की सफलता सिर्फ बजट और योजनाओं से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी जनसंपर्क और संवाद से तय होती है। विधायक जनसुनवाई केंद्र का शिलान्यास जहां प्रशासनिक सुविधा की दिशा में एक अहम कदम है, वहीं मंच से दिया गया यह राजनीतिक संदेश आने वाले पंचायत चुनावों से पहले संगठन के लिए दिशा-सूचक भी माना जा रहा है।
