बिजोलिया । छोटा रुणिचा धाम में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी के अवसर पर माँ छिन्नमस्तिका के प्रकट दिवस पर विशेष पूजा-अर्चना एवं हवन का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति भाव का माहौल बना रहा।
धाम के गादीपति महंत हीरालाल जोगी ने बताया कि माँ छिन्नमस्तिका दस महाविद्याओं में से एक हैं, जो साहस, शक्ति और त्याग का प्रतीक मानी जाती हैं। उनका स्वरूप शत्रु नाश, कार्य सिद्धि तथा आध्यात्मिक जागृति का संदेश देता है। इसी के साथ भगवान विष्णु के चौथे अवतार नरसिंह भगवान का भी स्मरण करते हुए पूजा-अर्चना की गई।
इस अवसर पर मंदिर परिसर में हवन कर जगत कल्याण, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई। कार्यक्रम में मंदिर कमेटी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
