सलावटिया (विकास जैन)। इंद्रपुरा के निकट शुक्रवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत के बाद शनिवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने इंद्रपुरा स्थित धर्मकांटे के सामने सलावटिया-तिलस्वां मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक चले धरने के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समझाइश होने पर जाम खोला गया।

जानकारी के अनुसार तिलस्वां निवासी पूरण रैगर शुक्रवार रात किसी काम से बाइक पर घर से निकला था। इसी दौरान इंद्रपुरा के पास स्थित धर्मकांटे पर तुलाई के लिए सड़क किनारे खड़े डंपर में उसकी बाइक जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पूरण रैगर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन सहित फरार हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया।
घटना से नाराज ग्रामीण शनिवार सुबह करीब आठ बजे धर्मकांटे के सामने एकत्रित हो गए और सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धर्मकांटे के बाहर भारी वाहनों के खड़े रहने से यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। पूर्व में भी कई लोग दुर्घटनाओं में जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा धर्मकांटे को हटाने या बंद करने की मांग रखी। जाम की सूचना मिलने पर कांस्या चौकी प्रभारी नरेश शर्मा मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन परिजन प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
इसके बाद बिजोलिया थाना प्रभारी स्वागत पांडे, तहसीलदार ललित कुमार डीडवानिया तथा माइनिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। इस दौरान पूर्व प्रधान गोपाल मालवीय और भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र बंजारा सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
करीब तीन घंटे तक चले जाम के बाद माइनिंग विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए की सहायता राशि देने तथा धर्मकांटे को अस्थायी रूप से बंद करने की मांग स्वीकार किए जाने पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। जाम के दौरान वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया, जिससे लंबी कतारें नहीं लगीं।
