44 जोड़ों का हुआ सामूहिक निकाह, बिना दहेज रचा इतिहास
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
सामाजिक सरोकार, भाईचारे और दहेज मुक्त समाज की सोच को नई ऊंचाई देने वाला ऐतिहासिक नजारा उस समय देखने को मिला, जब मेवाड़ कायमखानी विकास सेवा संस्थान एवं मेवाड़ कायमखानी महासभा के संयुक्त तत्वावधान में कायमखानी समाज प्रतापपुरा द्वारा दहेज रहित सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 44 वर-वधुओं का निकाह पूरे धार्मिक रीति-रिवाज, सादगी और अकीदत के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने न केवल समाज को नई दिशा दी बल्कि दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई पर करारा प्रहार करते हुए इंसानियत, समानता और शिक्षा का संदेश भी दिया।

प्रतापपुरा गांव इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बना, जहां हजारों लोगों की मौजूदगी में देर रात तक निकाह की रस्में चलती रहीं। शहर काजी सैयद शराफत अली, मौलाना मुमताज कादरी एवं मौलाना अब्दुल कादिर साहब ने संस्थान द्वारा नियुक्त वकीलों एवं गवाहों की मौजूदगी में सभी जोड़ों का निकाह मुकम्मल करवाया। “कबूल है” की गूंज के साथ जब एक-एक जोड़ा वैवाहिक बंधन में बंधा तो पूरा पांडाल दुआओं और तालियों से गूंज उठा।

इस सामूहिक विवाह सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पूरे आयोजन में दहेज के नाम पर वर पक्ष को “एक चम्मच” तक नहीं दिया गया। समाज ने यह संदेश दिया कि रिश्ते पैसों से नहीं बल्कि संस्कार, विश्वास और सम्मान से बनते हैं। वहीं वधुओं को गांठियों (लग्न) के अवसर पर 14 मई को 51-51 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जिससे बेटियों को आत्मसम्मान के साथ नई जिंदगी की शुरुआत करने का संबल मिला।

कार्यक्रम में शामिल वर-वधुओं में उच्च शिक्षित युवा भी शामिल रहे। किसी ने बी.टेक सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी तो कोई एमबीए और बीएससी नर्सिंग जैसी डिग्रियों से सुसज्जित था। शिक्षित दूल्हा-दुल्हनों की मौजूदगी ने यह साबित किया कि आधुनिक शिक्षा और सामाजिक परंपराएं साथ-साथ चल सकती हैं। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि यह सम्मेलन नई पीढ़ी को सादगी, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला आयोजन बन गया।
संपूर्ण भोजन व्यवस्था कायमखानी समाज प्रतापपुरा की ओर से की गई थी। हजारों मेहमानों के लिए उत्कृष्ट इंतजाम किए गए थे। गांव में मेले जैसा माहौल नजर आया। हर ओर रौनक, रोशनी और खुशियों का माहौल था। महिलाओं ने मंगल गीत गाए तो युवाओं ने मेहमानों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। आयोजन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की हर किसी ने मुक्तकंठ से सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान मेवाड़ कायमखानी महासभा के अध्यक्ष बी.डी. खान, युवा अध्यक्ष भीम खान तथा मेवाड़ कायमखानी विकास सेवा संस्थान के अध्यक्ष सलीम खान नारखानी ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि दहेज मुक्त विवाह ही आने वाले समाज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि समाज यदि इसी प्रकार एकजुट होकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आगे बढ़े तो आने वाली पीढ़ियों को बेहतर वातावरण मिलेगा।
महासचिव फिरोज खान दुलेखानी, सहसचिव शब्बीर हुसैन खान हासमखानी, कोषाध्यक्ष नवाब खान दिलावरखानी, उपाध्यक्ष ताज खान इसेखानी एवं मोइनुद्दीन खान दुलेखानी सहित कमेटी के सभी सदस्यों ने आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं कार्यकर्ताओं में इकबाल खान, शहजाद खान, शाहरुख खान, भँवर खान, लियाकत खान, फौज खान, यासीन खान, सलीम खान, मुराद खान, इस्लाम खान और दीन मोहम्मद खान सहित अनेक युवाओं ने दिन-रात मेहनत कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम में सामाजिक चेतना के साथ इतिहास और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। राजस्थान कायमखानी शोध संस्थान जोधपुर एवं मारवाड़ कायमखानी महासभा जोधपुर के प्रतिनिधियों ने कायमखानी इतिहास से संबंधित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई। यहां इतिहास प्रेमियों और युवाओं ने बड़ी रुचि दिखाई। संस्थान की ओर से कवि जान द्वारा लिखित कायमखानी इतिहास की प्रथम पुस्तक “क्याम खां रासो” की प्रतियां प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को निःशुल्क भेंट की गईं। इस पहल को समाज के इतिहास और गौरव से नई पीढ़ी को जोड़ने की सार्थक कोशिश माना गया।
सम्मेलन में खेल प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। भारतीय बास्केटबॉल टीम के 16 वर्षीय स्टार खिलाड़ी मोहम्मद रजा खान का विशेष अभिनंदन किया गया। उनकी अनुपस्थिति में उनके पिता शब्बीर हुसैन खान को शोध संस्थान की ओर से प्रशस्ति पत्र, मेडल, शॉल एवं मोमेंटो प्रदान किया गया। यह सम्मान समारोह युवाओं को खेल और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता नजर आया।
करीब आठ हजार लोगों की मौजूदगी वाला यह सामूहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक एकता और भाईचारे का अद्भुत उदाहरण बन गया। देर रात जब सभी दुल्हनों की विदाई हुई तो माहौल भावुक हो उठा। आंखों में खुशी और विदाई के आंसुओं के बीच समाज ने एक नई सोच और नई परंपरा को जन्म लेते देखा।
कार्यक्रम के समापन पर मेवाड़ कायमखानी विकास सेवा संस्थान भीलवाड़ा ने प्रतापपुरा ग्रामवासियों, कार्यकर्ताओं एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज की एकजुटता, सेवा भावना और सामाजिक सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। “दहेज मुक्त विवाह” का यह संदेश अब दूर-दूर तक चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे समाज सुधार की ऐतिहासिक पहल मान रहे हैं।
