*एक ही भूखंड को दोबारा बेचाःचित्ताम्बा में फर्जी रजिस्ट्री का खेल, विरोध करने पर पीड़ित व्यापारी को मिल रही जान से मारने की धमकी*

BHILWARA
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*पहले थाने के चक्कर काटे, अब न्याय के लिए जिला कलेक्टर और एसपी की चौखट पर पहुंचे पीड़ित, सुरक्षा की गुहार*

*ब्यूरो चीफ पुनित चपलोत*

भीलवाड़ा // जिले में भू-माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि एक ही भूखंड को बार-बार बेचकर आमजन की गाढ़ी कमाई हड़पी जा रही है और जिम्मेदार तंत्र मूकदर्शक बना बैठा है। ऐसा ही एक सनसनीखेज और तीखा मामला करेड़ा क्षेत्र से सामने आया है, जहां करीब 26 साल पहले बेचे जा चुके भूखंडों की कूटरचित दस्तावेज तैयार कर दोबारा फर्जी रजिस्ट्री करा दी गई। अब असली खरीदार न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। हद तो तब हो गई जब अपनी ही जमीन को बचाने की गुहार लगाने पर पीड़ितों को सरेआम जान से मारने और हाथ-पैर तोड़ने की धमकियां दी जा रही हैं। करेड़ा पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से परेशान होकर पीड़ितों ने सोमवार को जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है


*मार्च 2000 में खरीदी थी जमीन, अब तैयार कर लिए फर्जी दस्तावेज*

कलेक्टर और एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में चित्ताम्बा (थाना-करेड़ा) निवासी व्यवसायी सुवालाल दक और ललित कुमार ने रोंगटे खड़े करने वाली दास्तां बयां की है। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने 2 मार्च 2000 को करेड़ा गांव में आबादी भूमि के दो अलग-अलग भूखंड तत्कालीन मालिक पीरू लाल बारेट पुत्र गणेश लाल ढोली से पंजीकृत विक्रय पत्रों के जरिए अपनी पत्नी श्रीमती पानी बाई के नाम पर खरीदे थे। रजिस्ट्री होने के बाद से ही पीड़ित परिवार इस जमीन पर काबिज है और इसका शांतिपूर्ण उपयोग कर रहा है।


लेकिन, जमीन की कीमतें बढ़ते ही भू-माफियाओं की नीयत डोल गई। आरोप है कि मूल विक्रेता पीरू लाल बारेट ने श्रीमती निरमा गुर्जर (पत्नी नारायण लाल गुर्जर, निवासी बरावलो का खेड़ा) व अन्य करीबियों के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची। इन लोगों ने पीड़ितों को भारी आर्थिक व मानसिक नुकसान पहुंचाने की नीयत से उन भूखंडों के फर्जी, जाली और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लिए। इन जाली कागजातों के दम पर पंजीयन विभाग की आंखों में धूल झोंकते हुए भूखंडों की दोबारा फर्जी रजिस्ट्री करवा दी गई, जिसका पीड़ितों को भनक तक नहीं लगने दी गई।


*कब्जा छोड़ो वरना जान से मार देंगे’… गुंडागर्दी पर उतरे आरोपी*

मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी इस फर्जी रजिस्ट्री के बल पर जबरन भूखंडों पर कब्जा करने पहुंचे। जब प्रार्थी और उनके परिवार ने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो आरोपी सरेआम गुंडागर्दी और गाली-गलौज पर उतर आए। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें मौके पर ही हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की ऐलानी धमकियां दी जा रही हैं।

भू-माफियाओं के इस आतंक के कारण पीड़ित व्यापारी और उनका पूरा परिवार गहरे खौफ में जीने को मजबूर है और उन्हें हर वक्त जान-माल का खतरा सता रहा है।

*करेड़ा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल*

पीड़ितों ने बताया कि इस धोखाधड़ी और रंगदारी के संबंध में उन्होंने करेड़ा थाने में भी मामला दर्ज करवाया था और चक्कर काट-काट कर थक गए, लेकिन स्थानीय पुलिस ने भू-माफियाओं के रसूख के आगे घुटने टेक दिए। पुलिस द्वारा कोई सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण ही आरोपियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं और वे लगातार पीड़ित ओर उसके परिवार को प्रताड़ित कर रहे हैं।

*निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग*

थक-हारकर पीड़ितों ने जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों की शरण ली। ज्ञापन में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि इस पूरे फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए, कूटरचित दस्तावेजों को निरस्त कर दोषियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए। साथ ही, पीड़ित परिवार ने खुद की और अपनी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई है। अब देखना यह है कि रसूखदारों के इस खेल पर प्रशासन का हंटर कब चलता है।