भक्तमाल कथा के शुभारंभ पर उमड़ा आस्था का सैलाब
जगद्गुरु शंकराचार्य बोले, “भक्त, भक्ति, भगवान और गुरु एक ही तत्व”
पुरुषोत्तम मास में हरि शेवा उदासीन आश्रम बना धर्मगंगा का केंद्र
भीलवाड़ा, मूलचन्द पेसवानी
सनातन सेवा समिति के तत्वावधान में हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में चल रहे पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) महोत्सव के अंतर्गत पांच दिवसीय “भक्तमाल कथा” का मंगलवार को अत्यंत भव्य और भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा आश्रम परिसर हरिनाम संकीर्तन, भजनों और जयघोषों से गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है, जबकि कथा का अमृतपान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज के श्रीमुख से कराया जा रहा है। कथा प्रारंभ से पूर्व व्यासपीठ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन हुआ तथा संत समाज ने शंकराचार्य जी का पुष्पवर्षा और जयघोषों के साथ भव्य स्वागत किया।

अपने उद्बोधन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज ने भक्तमाल ग्रंथ के मंगलाचरण “भक्त भक्ति भगवंत गुरु चतुर नाम वपु एक” की गूढ़ व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान, उनकी भक्ति, भक्त और सद्गुरुकृ ये चारों भले अलग-अलग दिखाई दें, लेकिन तत्व रूप में एक ही हैं। उन्होंने कहा कि संतों और भक्तों के चरित्र का श्रद्धा एवं निष्कपट भाव से श्रवण करने वाला व्यक्ति जीवन के अनेक कष्टों और बाधाओं से स्वतः मुक्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवत् आराधना और भक्तों के यश का गान ही भवसागर से पार होने का सबसे सरल मार्ग है। चारों वेद, पुराण और इतिहास भी इसी सत्य की पुष्टि करते हैं कि ईश्वर और उनके भक्त दोनों समान रूप से वंदनीय हैं। कथा के दौरान भक्तमाल तथा श्रीप्रियादास जी कृत “भक्तिरसबोधिनी टीका” के माध्यम से महाप्रभु श्रीकृष्ण चैतन्य महाप्रभु की भक्ति, हरिनाम संकीर्तन और वैष्णव परंपरा की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया।
सुमधुर भजनों और संकीर्तन के बीच श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। पूरा पांडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया। महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
पुरुषोत्तम मास महोत्सव के अंतर्गत आश्रम में प्रतिदिन विष्णु यज्ञ, रुद्राभिषेक, गंगा आरती, संकीर्तन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हो रहे हैं। मंगलवार को आयोजित विष्णु यज्ञ में डॉ. प्रकाश थावानी एवं अजमेर के दौलतानी परिवार ने आहुतियां दीं तथा हरि सीधेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया।
आश्रम के संत मायाराम एवं गोविन्दराम ने श्रद्धालुओं से पुरुषोत्तम मास में भीलवाड़ा में प्रवाहित हो रही “धर्मगंगा की त्रिवेणी” का लाभ लेने और प्रतिदिन कथा में शामिल होने का आग्रह किया।
यह विशेष “भक्तमाल कथा” 30 मई तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित होगी।
