भगवान पर अटूट विश्वास ही सच्ची भक्ति का आधार : सत्यनारायण महाराज

BHILWARA
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शक्करगढ़। निकटवर्ती खेरुणा ग्राम में आयोजित श्रीमद् पुरुषोत्तम भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास सत्यनारायण महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य को सदैव भगवान पर अटूट विश्वास रखना चाहिए और यह भावना बनाए रखनी चाहिए कि भगवान हर समय उसके साथ हैं। यही विश्वास जीवन को सही दिशा प्रदान करता है और कठिन परिस्थितियों में भी संबल देता है।


कथा के दौरान महाराज ने भक्ति के विभिन्न चरणों का विस्तृत वर्णन करते हुए बताया कि श्रद्धा, विश्वास, गुरु मंत्र, अनर्थ निवृत्ति, निष्ठा, आसक्ति, रुचि, भाव और प्रेम के माध्यम से साधक अपनी भक्ति की स्थिति को पहचान सकता है। उन्होंने कहा कि इन गुणों का विकास व्यक्ति को ईश्वर के अधिक निकट ले जाता है।
ऋतु वर्णन के प्रसंग में महाराज ने कहा कि जिस प्रकार ग्रीष्म ऋतु में तप सहन करना पड़ता है, उसी प्रकार जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पहले परिश्रम और तपस्या आवश्यक है। इसके बाद वर्षा ऋतु की तरह सुखद परिणाम प्राप्त होते हैं तथा अंततः शीत ऋतु के समान मन में शांति, संतोष और शीतलता का अनुभव होता है।


कथा में भगवान श्रीकृष्ण की चीरहरण लीला, गोवर्धन लीला, कंस वध एवं अन्य दुष्टों के संहार के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण द्वारा द्वारिका नगरी की स्थापना एवं धर्म आधारित शासन व्यवस्था की महिमा का वर्णन किया गया। कथा के समापन पर माता रुक्मिणी एवं भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य विवाह प्रसंग का मनोहारी चित्रण किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कथा व्यास सत्यनारायण महाराज ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिकाधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर धर्मेश व्यास, नवीन व्यास, उदयलाल व्यास, रामगोपाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।