*सांप-सीढ़ी खेल से सिखाया आर्थिक नियोजन का महत्व, श्रमिकों ने सीखे बचत और निवेश के गुर*

BHILWARA
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*भीलवाड़ा फोकस न्यूज़ बनेड़ा परमेश्वर दमामी*

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के वित्तीय समावेशन एवं विकास विभाग द्वारा संचालित मनीवाइज परियोजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत हुक्मपुरा के गांव रलायता स्थित नरेगा कार्यस्थल पर वित्तीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को वित्तीय साक्षरता से जोड़ते हुए उन्हें बचत, निवेश, बजट निर्माण और आर्थिक नियोजन के प्रति जागरूक बनाना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रमिकों ने भाग लेकर वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

शिविर में क्रिसिल फाउंडेशन के सहयोग से संचालित वित्तीय साक्षरता केंद्र के फील्ड कॉर्डिनेटर जगदीश चंद एवं धर्मराज गुर्जर ने श्रमिकों को सांप-सीढ़ी खेल के माध्यम से वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पारंपरिक व्याख्यान पद्धति के बजाय खेल आधारित प्रशिक्षण अपनाने से प्रतिभागी विषय को अधिक रुचिकर और सरल तरीके से समझ पाते हैं। सांप-सीढ़ी के प्रत्येक चरण को वित्तीय व्यवहार से जोड़ते हुए बचत, निवेश, ऋण प्रबंधन, बजट निर्माण तथा अनावश्यक खर्चों से बचने के उपाय समझाए गए।

प्रशिक्षकों ने बताया कि सीमित आय होने के बावजूद यदि व्यक्ति योजनाबद्ध तरीके से खर्च और बचत करता है तो वह भविष्य की आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर सकता है। श्रमिकों को मासिक आय के अनुसार घरेलू बजट तैयार करने, आवश्यक एवं गैर-जरूरी खर्चों में अंतर पहचानने तथा आकस्मिक परिस्थितियों के लिए बचत निधि तैयार करने की सलाह दी गई। साथ ही बैंकिंग सेवाओं का उपयोग, सुरक्षित निवेश विकल्पों और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि छोटी-छोटी नियमित बचत समय के साथ बड़ी पूंजी का रूप ले सकती है। वित्तीय अनुशासन, समय पर बचत और सोच-समझकर किए गए निवेश से परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया जा सकता है। खेल के माध्यम से दिए गए संदेशों ने श्रमिकों को वित्तीय निर्णयों के दीर्घकालिक प्रभावों को समझने में मदद की।

शिविर में उपस्थित महिला श्रमिकों ने विशेष रुचि दिखाई और परिवार की आय-व्यय व्यवस्था को बेहतर बनाने संबंधी प्रश्न पूछे। प्रतिभागियों ने बताया कि इस प्रकार का प्रशिक्षण उन्हें पहली बार इतना सरल और रोचक तरीके से मिला है, जिससे वित्तीय विषयों को समझना आसान हुआ। नरेगा मेट तेजू ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग प्रदान किया तथा श्रमिकों को नियमित रूप से वित्तीय साक्षरता गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने भारतीय रिजर्व बैंक, मनीवाइज परियोजना एवं क्रिसिल फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सभी ने आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा जताई।