बड़लियास (रोशन वैष्णव)
बरूदनी कस्बे के रामद्वारे में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय भक्तमाल कथा के द्वितीय दिवस पर कथा वाचक पूज्य अजब रामजी महाराज ने भक्त शिरोमणि संत सूरदास जी महाराज के जीवन चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सूरदास जी ने अपनी निष्काम भक्ति, समर्पण और मधुर पदों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अद्भुत वर्णन किया, जो आज भी भक्तों को भक्ति मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कथा वाचक ने कहा कि सच्ची भक्ति में प्रेम, समर्पण और प्रभु के प्रति अटूट विश्वास का विशेष महत्व होता है तथा सूरदास जी का संपूर्ण जीवन इसी भक्ति भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर प्रभु के जयकारे लगाते रहे।
द्वितीय दिवस के यजमान रतनलाल आशावा रहे, जिन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न करवाई। भवरलाल ब्राह्मण भट्ट (खटवाड़ा) ने भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी। उनके द्वारा प्रस्तुत भजनों, विशेषकर “मेरे लाडले गजानंद” पर महिला एवं पुरुष श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और कथा का आनंद लिया।
कथा में गांव के गणमान्य नागरिक अनिल आशावा, मनीष आशावा, रामेश्वर गट्टाणी, कैलाश मुंदड़ा, सतीश पंचोली, राजेंद्र लढ़ा, रामराय लढा प्रहलाद सोमानी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रतिदिन की भांति कथा का आयोजन रात्रि 8 बजे से हरि इच्छा तक किया गया। अंत में महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।
फोटो कैप्शन : बरूदनी के रामद्वारे में आयोजित भक्तमाल कथा के द्वितीय दिवस पर संत सूरदास जी महाराज के जीवन चरित्र का वर्णन करते पूज्य अजब रामजी महाराज एवं उपस्थित श्रद्धालु।
