काशी की तर्ज पर हरि शेवा उदासीन आश्रम में गूंज रही दिव्य गंगा आरती

BHILWARA
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भजनों, वैदिक मंत्रों और “ॐ” की अनुगूंज से भक्तिमय हो रहा वातावरण


भीलवाड़ा, 13 जून।
पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर में  महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में चल रहे धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला के अंतर्गत प्रतिदिन सायं 7:30 बजे काशी की तर्ज पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जा रहा है। आरती के दौरान पूरा आश्रम परिसर दीपों की अलौकिक आभा, शंख-घंटियों की मंगल ध्वनि और भक्ति रस से सराबोर हो उठता है।


गंगा आरती प्रारंभ होते ही “गोविन्द बोलो, भाई गोपाल बोलो… राधारमण हरे गोविंद बोलो…” जैसे मधुर भजनों की स्वर लहरियां वातावरण को भक्तिमय बना देती हैं। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन हो जाते हैं। वहीं “त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव…” जैसे वैदिक श्लोकों के उच्चारण से सम्पूर्ण परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठता है।
आरती के दौरान “ॐ” की दिव्य ध्वनि, “अखंड मंडलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्…” जैसे मंत्रों का सामूहिक पाठ तथा गजानन भगवान के भजनों की मधुर प्रस्तुति श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति करा रही है। “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः…” की मंगलकामना के साथ विश्व कल्याण की प्रार्थना की जाती है। “नमामि गंगे” की गूंज और दीपों की जगमगाहट के बीच होने वाली यह गंगा आरती श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन आरती में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय एवं उल्लासमय दिखाई देता है। आश्रम परिसर में आरती के दौरान गंगा मैया के प्रति श्रद्धा, सनातन संस्कृति की दिव्यता और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं का भव्य स्वरूप देखने को मिल रहा है। आयोजन समिति के अनुसार पुरुषोत्तम मास भर प्रतिदिन इसी प्रकार विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर संत मायाराम, संत राजाराम, संत गोविंदराम, संत ईशानराम, संत सुयज्ञराम, संत केशवराम आदि उपस्थित थे।