साथियों के सामने हुई दर्दनाक घटना, चांदमा गांव में पसरा मातम
शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी
गर्मी से राहत पाने के लिए दोस्तों के साथ नाड़ी में नहाने गए दो मासूम बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि साथ मौजूद बच्चे कुछ समझ पाते, उससे पहले दोनों गहरे पानी में समा गए। ग्रामीणों ने तत्काल उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे चांदमा गांव में शोक की लहर फैल गई, वहीं दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, फूलियाकलां थाना क्षेत्र के चांदमा गांव के चार-पांच बच्चे शनिवार को गांव के निकट खारी नदी के पास स्थित एक नाड़ी में नहाने पहुंचे थे। बच्चे पानी में खेल रहे थे, तभी दो बच्चे अचानक गहराई में चले गए। उन्हें डूबता देख अन्य बच्चों ने शोर मचाया और आसपास मौजूद लोगों को सूचना दी।
ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तुरंत फूलियाकलां अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस सूचना के बाद अस्पताल परिसर में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन एकत्र हो गए।
मृतकों की पहचान दिलखुश भील (पिता राकेश भील), उम्र करीब 11-12 वर्ष तथा धर्मराज भील (पिता ग्यारसीलाल भील), उम्र करीब 10-11 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों बच्चे भील समाज से थे और एक ही गांव के निवासी थे। एक साथ दो मासूमों की मौत से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही फूलियाकलां थाना प्रभारी राजकुमार नायक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ग्राम चांदमा के चार-पांच बच्चे नहाने के लिए खारी नदी के पास स्थित नाड़ी पर गए थे। इसी दौरान दिलखुश और धर्मराज पानी में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों की मदद से दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद चांदमा गांव में मातम का माहौल है। दोनों परिवारों के घरों पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। गांव के लोगों का कहना है कि कुछ देर पहले तक बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, लेकिन देखते ही देखते यह खुशी मातम में बदल गई। भील समाज में भी इस घटना से गहरा दुख व्याप्त है।
उल्लेखनीय है कि यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि गर्मी के दिनों में बच्चे अक्सर नदी, तालाब और नाड़ियों में नहाने चले जाते हैं, जहां पानी की गहराई और जोखिम का उन्हें अंदाजा नहीं होता। ऐसे में अभिभावकों की सतर्कता और प्रशासन द्वारा जलाशयों के आसपास सुरक्षा संबंधी जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
