साडू व साली से मिलने आमली बरडोद गए थे दंपति
सवाईपुर ( सांवर वैष्णव ):- क्षेत्र के बनकाखेड़ा निवासी दंपति जोड़े ने साली के ससुराल आमली बरडोद में जाकर आत्महत्या करने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई । सुचना पर हमीरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची । पत्नी की हत्या के बाद पति ने फांसी का फंदा लगाकर जीवन लीला को समाप्त कर लिया । हमीरगढ़ सीआई सुनील बेड़ा ने बताया की सूचना मिली कि आमली बरड़ोद गांव में जगदीश जाट के मकान पर उनके साडू व बड़ा सासू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई । सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पर बड़लियास थाना क्षेत्र के बनकाखेड़ा निवासी कालू पुत्र देबीलाल जाट उम्र 30 वर्ष का शव फंदे पर झूलता हुआ मिला, वही कालू की पत्नी दुर्गा देवी उम्र 28 वर्ष का शव बेड़ पर पड़ा मिला । इसके बाद पुलिस ने कालू के परिजनों को बनकाखेड़ा व दुर्गा के पीहर सालरिया, मंडफिया में इसकी सूचना दी । परिजनों के पहुंचने पर दोनों शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर हमीरगढ़ चिकित्सालय भेजो, जहां मेडिकल बोर्ड से शवों का पोस्टमार्टम होगा । पुलिस ने बताया कि कालू व दुर्गा रविवार शाम सात बजे आमली बरडोद निवासी साडू जगदीश जाट व साली के यहां मिलने आए थे, जहां रात को एक साथ बैठकर भोजन किया और सो गए । आज सोमवार सुबह साडू जगदीश अपनी पत्नी व बड़ा सासू दुर्गा के साथ खेत पर गुलाब के फूल तोड़ने के लिए निकले थे, तभी खेत पहुंचने से पहले ही कालू ने फोन किया कि घर पर बच्चे की तबीयत ठीक नहीं तो घर पर जाना है, इस पर जगदीश बड़ा सासू दुर्गा को वापस घर पर छोड़ने आया और कहा कि तुम गांव निकल रहे हो तो में घर को ताला लगा देता हूं, इस पर दंपती ने कहा कि हम निकल जाएंगे आप जाओ तो जगदीश ने कहा तालाकर चाबी रखने की कह कर खेत चला गया और पीछे से यह घटना हो गई । पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया मृतक कालू ने अपनी पत्नी दुर्गा का गला दबाकर व लोहे की फेट से हत्या कर खुद ही ओढ़नी से फांसी का फंदा लगाकर अपने जीवन लीला को समाप्त कर लिया । वही पुलिस हत्या व आत्महत्या के साथ अन्य और कहीं पहलू को आधार मानते हुए जांच कर रहे हैं, कि ऐसा क्या हुआ कि इतना गंभीर कदम उठाना पड़ा ।।
दो बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया, मां के बुढ़ापे की लाठी टूटी
मृतक दंपति के एक लड़का और एक लड़की है जिनके सिर से अब माता-पिता का साया उठ गया, मृतक के 6 साल का लड़का व 3 साल की लड़की है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल हो रहा । मृतक कालू माता-पिता की इकलौती संतान थी, पिता का पहले ही निधन हो गया था, कालू ही मां, बच्चे और पत्नी का ध्यान रखता था, इस घटना के बाद अब मां के बुढ़ापे की लाठी टूट गई । जैसे ही गांव में दोनों की मौत की सूचना मिली तो परिजनों पर बुरा हाल हो गया और गांव में सन्नाटा सा पसर गया, हर कोई इस घटना को सुनकर अचंभित रह गया, कि जो कल यहां से हंसते खेलते गए एक रात में ऐसा क्या हुआ कि इस संगीन घटना को अंजाम दिया ।।
