दो साल से अधूरी पड़ी मालीपुरा चौराहा–केसरगंज सड़क, लापरवाही से राहगीरों की बढ़ी परेशानी

BHILWARA
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तीन दिन से सड़क पर पड़ा मलबे का ढेर, न चेतावनी बोर्ड और न सुरक्षा व्यवस्था; स्थानीय दुकानदारों ने जताई नाराजगी, पूर्व में प्रकाशित खबर के बावजूद नहीं हुई ठोस कार्रवाई।

बिजौलिया। नरेश धाकड़

मालीपुरा चौराहा से केसरगंज जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य पिछले लगभग दो वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। लंबे समय से चल रहे इस कार्य के कारण क्षेत्रवासियों, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क के किनारों पर मिट्टी भरने के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जबकि निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी बनी हुई है।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पिछले तीन दिनों से सड़क के बीचों-बीच मलबे का बड़ा ढेर डाल दिया गया है। इसके बावजूद मौके पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही सुरक्षा के कोई संकेतक लगाए गए हैं। इससे दिन-रात गुजरने वाले दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों के चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। रात के समय यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है।

गौरतलब है कि इस समस्या को लेकर पूर्व में भी समाचार प्रकाशित किया जा चुका है, लेकिन संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मलबा नहीं हटाया गया और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय दुकानदार सत्यनारायण धाकड़, गोविंद सेन एवं कालू माली ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से चल रहा है, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका है। उनका कहना है कि सड़क के किनारों पर भराव के लिए लाई गई मिट्टी और मलबा पिछले तीन दिनों से सड़क पर ही पड़ा हुआ है। इससे भारी वाहनों सहित आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। दुकानदारों ने यह भी आशंका जताई कि यदि यही मिट्टी सड़क किनारे डाली गई तो बारिश के दौरान यहां अत्यधिक कीचड़ हो जाएगा, जिससे राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों की समस्याएं और बढ़ जाएंगी।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए, सड़क पर पड़े मलबे को तत्काल हटाया जाए तथा निर्माण स्थल पर आवश्यक सुरक्षा संकेतक एवं दिशा-निर्देश बोर्ड लगाए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके और संभावित दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।