प्रताप सिंह बारहठ राजकीय महाविद्यालय में सम्मान समारोह, वृक्षारोपण एवं विकास समिति की बैठक सम्पन्न
चारदीवारी ऊंची करने और सुरक्षा ग्रिल लगाने का सर्वसम्मत निर्णय, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया विशेष जोर
शाहपुरा, मूलचन्द पेसवानी
श्री प्रताप सिंह बारहठ राजकीय महाविद्यालय, शाहपुरा में गुरुवार को सम्मान समारोह, वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं महाविद्यालय विकास समिति की बैठक का गरिमामय आयोजन हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं महाविद्यालय के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समारोह के मुख्य अतिथि शाहपुरा-बनेड़ा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. हरमल रेबारी एवं ब्लॉक शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्यनारायण कुमावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पुष्कर राज मीणा ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। इसके बाद अतिथियों का पारंपरिक स्वागत एवं सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही जागरूक, सक्षम एवं जिम्मेदार नागरिक तैयार होते हैं, जो देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शाहपुरा क्षेत्र में सड़क, पेयजल, चिकित्सा, शिक्षा, विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार एवं जनप्रतिनिधियों के समन्वित प्रयासों से क्षेत्र निरंतर विकास की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने महाविद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएँ, बेहतर अधोसंरचना एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने युवाओं से उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का भी आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पुष्कर राज मीणा ने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, विकास समिति के सदस्यों, शिक्षाविदों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न विकास कार्यों, शैक्षणिक गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष बल देते हुए कहा कि केवल परीक्षा में सफलता ही जीवन का उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि नैतिक मूल्यों, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संवाद कौशल, समय प्रबंधन एवं सकारात्मक सोच को भी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सतत अध्ययन, आत्मविश्वास एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए प्रेरित किया।
अपने उद्बोधन में डॉ. हरमल रेबारी ने महाविद्यालय से जुड़ी पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि इस संस्थान से उनका गहरा भावनात्मक रिश्ता रहा है। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रहा है और आने वाले समय में भी नई उपलब्धियाँ हासिल करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच एवं निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अतिथियों एवं महाविद्यालय परिवार द्वारा परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए गए। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी से अधिकाधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।
इसके उपरांत प्राचार्य कक्ष में महाविद्यालय विकास समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें महाविद्यालय परिसर की सुरक्षा एवं अधोसंरचना सुदृढ़ करने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सर्वसम्मति से महाविद्यालय की चारदीवारी को तीन फीट ऊँचा कर उसके ऊपर चार फीट ऊँची लोहे की ग्रिल लगाने का निर्णय लिया गया। साथ ही एलआईसी कार्यालय की ओर स्थित दीवार को चार फीट और ऊँचा करने का भी प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। समिति सदस्यों ने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से महाविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
बैठक में महाविद्यालय के समग्र विकास, विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं भविष्य की विकास योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। सभी सदस्यों ने महाविद्यालय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए सामूहिक सहयोग का भरोसा व्यक्त किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार के शिक्षकगण, कर्मचारी, विकास समिति के सदस्य, अभिभावक, प्रबुद्धजन, शिक्षाविद् एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन का वातावरण उत्साह, अनुशासन एवं शिक्षा के प्रति सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।
