खेत पर भी महफूज नहीं किसान! आधी रात छप्पर में घुसे बदमाश, दंपति को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा और जेवर लूटकर फरार

BHILWARA
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बारिश के मौसम में खेत ही बन जाता है काश्तकार का घर, फिर खेत पर ऐसी वारदात हो तो आखिर किसान जाए कहां?
एनएच-148डी के सुरली कल्याणपुरा बायपास के पास सनसनीखेज वारदात, पति-पत्नी के हाथ-पैर बांधे, गंभीर चोटों के बाद भीलवाड़ा रेफर

शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
बारिश का मौसम किसानों के लिए खेतों में मेहनत का मौसम होता है। बादलों की मेहरबानी के बीच काश्तकार दिन-रात खेतों में डटा रहता है। कई किसान और खेतिहर परिवार तो फसल की निगरानी के लिए खेत पर बने छप्पर या कच्चे मकान में ही रात गुजारते हैं। लेकिन शाहपुरा में बीती रात खेत पर सो रहे एक दंपति के साथ जो कुछ हुआ, उसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

नेशनल हाईवे-148डी पर सुरली कल्याणपुरा बायपास के समीप खेत में बने छप्पर में सो रहे पति-पत्नी पर आधी रात अज्ञात बदमाशों ने धावा बोल दिया। आरोप है कि तीन बदमाश बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचे और दंपति के साथ बेरहमी से मारपीट की। बदमाशों ने दोनों को बंधक बनाया, हाथ-पैर बांधे और महिला के पैरों में पहने चांदी के कड़े तथा हाथों के चांदी के आभूषण सहित अन्य सामान लूटकर फरार हो गए।



वारदात के बाद खेत में बंधे पड़े पति-पत्नी की हालत ने घटना की भयावहता बयां कर दी। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। पैरों में चोट के साथ उनके फ्रैक्चर होने की जानकारी भी सामने आई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए दोनों को बेहतर उपचार के लिए भीलवाड़ा रेफर किया गया।

छप्पर में सो रहे थे… तभी बदमाशों ने घेर लिया

जानकारी के अनुसार धन्ना पुत्र नारू कहार और उनकी पत्नी केशी देवी कहार, जो वर्तमान में धानमंडी शाहपुरा के निवासी हैं, अपने खेत पर बने छप्पर में सो रहे थे। रात के सन्नाटे में अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे। दंपति को संभलने का मौका भी नहीं मिला और आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

बताया जा रहा है कि बदमाशों ने दंपति को बंधक बनाकर उनके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद महिला के पैरों में पहने चांदी के कड़े और हाथों के चांदी के आभूषण सहित अन्य सामान लेकर फरार हो गए।

वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश दोनों को उसी हालत में छोड़कर भाग निकले। रात के अंधेरे में खेत में बंधे पड़े पति-पत्नी के लिए वह वक्त कितना भयावह रहा होगा, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मदद के लिए भी तत्काल कोई आसपास मौजूद नहीं था।

बाइक पर आए थे तीन बदमाश!

प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की संख्या तीन बताई जा रही है और वे बाइक से आए थे। हालांकि बदमाश कौन थे, कहां से आए और वारदात के बाद किस दिशा में भागे, यह फिलहाल पुलिस जांच का विषय है।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही दंपति के बयान और मौके की परिस्थितियों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वारदात के हर पहलू को खंगाल रही है।

पुलिस पहुंची तो मचा हड़कंप

घटना की सूचना मिलते ही शाहपुरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल दंपति को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। शाहपुरा सीआई लीलाधर मालवीय के अनुसार दंपति की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है। दोनों को उपचार के लिए भीलवाड़ा रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले में अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है और विभिन्न पहलुओं पर काम किया जा रहा है।

पुलिस अब घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों, संदिग्ध लोगों और संभावित मार्गों की जानकारी जुटाने में लगी है। वारदात में शामिल बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।

निवर्तमान पार्षद ने परिजनों को दी सूचना

घटना की जानकारी मिलने के बाद निवर्तमान पार्षद दुर्गालाल कहार ने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और घायल दंपति की स्थिति जानी। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटने लगी और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

सबसे बड़ा सवालकृखेत पर किसान सुरक्षित नहीं तो कहां?

यह वारदात सिर्फ एक दंपति के साथ हुई लूट और मारपीट का मामला भर नहीं है। इसके साथ एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया हैकृबारिश के मौसम में जब किसान अपने खेत पर ही रात-दिन रहकर फसल की रखवाली करता है, अगर खेत में भी उसकी सुरक्षा नहीं है तो वह आखिर जाए कहां?

बारिश के दिनों में खेतों में फसल की निगरानी बेहद जरूरी हो जाती है। कई किसान खेतों पर बने छप्परों में ही रात गुजारते हैं। सुनसान खेत, दूर-दूर तक आबादी का अभाव और रात के समय मदद पहुंचने में लगने वाला वक्तकृये सभी परिस्थितियां किसान को पहले से ही असुरक्षित बनाती हैं।

ऐसे में आधी रात को बदमाशों का खेत में पहुंचना और दंपति को बंधक बनाकर मारपीट करना बेहद गंभीर चिंता का विषय है। खासकर बुजुर्ग या अकेले रहने वाले किसान परिवारों के लिए यह घटना चेतावनी जैसी है।

पुलिस के सामने बदमाशों तक पहुंचने की चुनौती

घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वे तीनों बदमाश कौन थे? क्या उन्होंने पहले से खेत की रेकी की थी? क्या उन्हें दंपति के खेत पर मौजूद होने की जानकारी थी? क्या वारदात के पीछे कोई स्थानीय जानकारी रखने वाला व्यक्ति शामिल है? बाइक से आने वाले बदमाश किस रास्ते से पहुंचे और किस रास्ते से फरार हुए?

इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे। लेकिन क्षेत्र के लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश और भय दोनों है।

लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही खेतों और ग्रामीण इलाकों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि किसान और खेतों पर रहने वाले परिवार खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।