हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा भीलवाड़ा, 251 कावड़ियों ने त्रिवेणी जल से किया बढ़लेश्वर महादेव का अभिषेक

BHILWARA
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भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
सावन की भक्ति, आस्था और उल्लास से भीलवाड़ा शिवमय नजर आया। कोली समाज विकास ट्रस्ट, भीलवाड़ा की ओर से आयोजित सावन महोत्सव के तहत निकली 251 कावड़ियों की भव्य कावड़ यात्रा में हर कदम भगवान शिव की भक्ति में डूबा दिखाई दिया। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
कावड़ यात्रा पंचायत भवन, कोली मोहल्ले से रवाना हुई और वीरांगना झलकारी बाई सर्किल, पेट्रोल पंप एवं आदर्श नगर गेट होते हुए आदर्श नगर स्थित बढ़लेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कावड़ियों के साथ चल रहे भक्तों में भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था।
ओंकारेश्वर, हरिद्वार और पुष्कर के जल का त्रिवेणी संगम-


इस कावड़ यात्रा की सबसे खास बात रही तीन पवित्र तीर्थों के जल का संगम। कावड़ियों द्वारा मां नर्मदा के ओंकारेश्वर, मां गंगा के हरिद्वार और तीर्थराज पुष्कर से लाया गया पवित्र जल बढ़लेश्वर महादेव मंदिर पहुंचाया गया। मंदिर पहुंचने के बाद तीनों तीर्थों के जल का त्रिवेणी संगम कर इसी पवित्र जल से भगवान शिव के शिवलिंग का अभिषेक किया गया। वैदिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना हुई। अभिषेक के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का ऐसा वातावरण बना कि श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना में पूरी तरह लीन नजर आए।
कावड़ियों के स्वागत में सीढ़ियों से गर्भगृह तक बिछाए फूल-
कावड़ियों के मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका बेहद अनूठे अंदाज में स्वागत किया। मंदिर की सीढ़ियों से लेकर गर्भगृह तक फूल बिछाकर कावड़ियों का अभिनंदन किया गया। गुलाब की पंखुड़ियों से सजे रास्ते से जब कावड़िए मंदिर की ओर बढ़े तो पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। कावड़ियों के पैरों के नीचे गुलाब के फूल बिछाकर उनका सम्मान किया गया। यह दृश्य श्रद्धा, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम रहा।
संत मायाराम ने किए महादेव के दर्शन-
कार्यक्रम में गोविंद साईं हरिश्रेवा आश्रम सनातन मंदिर, भीलवाड़ा के संत मायाराम भी बढ़लेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना में भाग लिया।
मंदिर पहुंचने पर पंडित रामचंद्र मंडिया ने संत मायाराम का तिलक लगाकर एवं मारवाड़ी साफा पहनाकर स्वागत किया। वहीं कोली समाज वीरांगना झलकारी बाई महिला मंडल की सदस्यों ने भी संत मायाराम को मारवाड़ी साफा पहनाकर सम्मानित किया।
कोली समाज विकास ट्रस्ट के सचिव मुरलीधर लोरवाडिया ने बताया कि सावन महोत्सव के तहत आयोजित यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता और महिला सशक्तिकरण का संदेश देने वाला रहा।
मातृशक्ति को संत मायाराम का संदेश, मन की शक्ति मजबूत रखें-
महिला मंडल की ओर से रखी गई विभिन्न मांगों को संत मायाराम ने गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने मातृशक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि मन की शक्ति को मजबूत रखें और भगवान का नित स्मरण करें।
उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली परिस्थितियों और संकटों को ईश्वर की शरण में समर्पित कर विश्वास, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। आध्यात्मिक शक्ति व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी मजबूती प्रदान करती है।
मंदिर की दीवार का मुद्दा भी उठा, कार्रवाई समाप्त करने की मांग-
भक्ति के इस आयोजन के बीच बढ़लेश्वर महादेव मंदिर की दीवार से जुड़े प्रकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। श्रद्धालुओं और मातृशक्ति ने संतों के समक्ष अपनी बात रखते हुए नगर निगम एवं जिला प्रशासन की ओर से मंदिर की दीवार को लेकर की जा रही कार्रवाई और प्रकरण को समाप्त करने की मांग रखी। समाजजनों ने कहा कि बढ़लेश्वर महादेव मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की धार्मिक आस्था और सामाजिक भावनाओं का केंद्र है। इसलिए धर्महित और जनहित को ध्यान में रखते हुए मामले का शांतिपूर्ण एवं स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। श्रद्धालुओं ने सरकार एवं प्रशासन से मांग की कि मंदिर की दीवार से संबंधित कार्रवाई को समाप्त कर मामले का सर्वमान्य समाधान निकाला जाए, जिससे क्षेत्र में धार्मिक सौहार्द और शांति बनी रहे।
आस्था के साथ एकजुटता का संदेश-
पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता, महिला सशक्तिकरण और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला। सावन महोत्सव ने समाज के लोगों को एक मंच पर जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का काम किया।
कार्यक्रम में रामलाल, मोतीसिंह, भगीरथ, खेमचंद, राकेश, मोतीलाल, महेंद्र कुमार, रूपलाल, सोहनलाल, सेवंतीलाल, नरेंद्र कुमार, लक्ष्मीनारायण, अशोक, मोहनलाल सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। महिला मंडल की ओर से अंतिमा, अंजना, जानकी, मधु, राजेश्वरी, दुर्गा, पूजा, शालिनी, संगीता, सुनीता, अजय, पार्वती सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने सहभागिता निभाई।