सावन में शिवभक्ति का सैलाब, नर्मदेश्वर महादेव पर गूंजा हर-हर महादेव

BHILWARA
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खान्या के बालाजी मंदिर में विशाल सहस्त्रधार अभिषेक, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने किया भोलेनाथ का जलाभिषेक; भजनों पर झूम उठा पूरा परिसर
शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
सावन का महीना हो और शिवालय में हर-हर महादेव की गूंज न हो, ऐसा भला कैसे संभव है। शनिवार को खान्या के बालाजी मंदिर प्रांगण स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में कुछ ऐसा ही अद्भुत धार्मिक नजारा देखने को मिला। चारों ओर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। कहीं शिव महामंत्रों की गूंज थी तो कहीं वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण पवित्र हो रहा था। हाथों में जल लिए श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए आतुर नजर आए और पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजता रहा।


श्री बालाजी महिला मंडल, श्री सोहनलाल सालोलिया वेलफेयर सोसायटी एवं समस्त भक्तजनों के संयुक्त तत्वावधान में पवित्र श्रावण मास के अवसर पर भगवान नर्मदेश्वर महादेव का विशाल सहस्त्रधार अभिषेक आयोजित किया गया। धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साह और श्रद्धाभाव के साथ भाग लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सावन के महीने में हुए इस विशेष अभिषेक ने खान्या के बालाजी मंदिर परिसर को मानो शिवधाम में बदल दिया।
मंत्रोच्चार के बीच हुआ सहस्त्रधार अभिषेक
अभिषेक कार्यक्रम में श्री खान्या के बालाजी मंदिर के महंत श्री श्री 108 श्री रामदास जी त्यागी महाराज की तेजस्वी मौजूदगी ने आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ा दिया। उनके सानिध्य में पंडित देवकिशन जी शास्त्री के मार्गदर्शन में वैदिक विधि-विधान से भगवान नर्मदेश्वर महादेव का सहस्त्रधार अभिषेक संपन्न कराया गया।
इस दौरान वेद-शास्त्रों के प्रकांड विद्वान पंडित युवराज जोशी, पंडित राजेश शर्मा, पंडित विजेश शर्मा, पंडित कान्हा शर्मा सहित अन्य विद्वान पंडितों ने शिव महामंत्र और वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। मंत्रों की गूंज और जलधाराओं के बीच भगवान शिव का अभिषेक होते ही वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
एक ओर पंडितों के मुख से निकल रहे वैदिक मंत्र श्रद्धालुओं को भक्ति में डुबो रहे थे तो दूसरी ओर भक्तजन पूरी श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित कर रहे थे। हर जलधारा के साथ श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं और आस्था भी मानो शिवचरणों तक पहुंच रही थीं।
भोलेनाथ को जल चढ़ाने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावण मास में भगवान शिव के जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। यही कारण रहा कि नर्मदेश्वर महादेव के सहस्त्रधार अभिषेक में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भगवान भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए भक्तों में उत्साह देखते ही बन रहा था।
श्रद्धालुओं की आस्था ऐसी कि कोई हाथ में जल लेकर अपनी बारी का इंतजार करता नजर आया तो कोई भगवान शिव के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करता दिखाई दिया। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ अभिषेक में सहभागिता निभाई।
सावन की पावन बेला में शिवलिंग पर गिरती जलधाराएं और साथ में गूंजता ‘ॐ नमः शिवाय’ का मंत्र वातावरण को अलौकिक बना रहा था। श्रद्धालुओं के चेहरों पर भक्ति का भाव साफ दिखाई दे रहा था।
भजनों पर झूमीं महिलाएं, भक्तिमय हुआ माहौल
अभिषेक के दौरान और इसके बाद महिला मंडल की सदस्यों ने भगवान शिव की महिमा से जुड़े भजनों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। भजनों की मधुर धुनों पर महिलाएं भक्ति में सराबोर होकर झूमती नजर आईं।
मंदिर परिसर में एक तरफ वैदिक मंत्रों की गंभीर गूंज थी तो दूसरी ओर भजनों का भक्तिमय स्वर। इस अद्भुत संगम ने वातावरण को और अधिक भावपूर्ण बना दिया। श्रद्धालु भी भजनों में शामिल होकर भगवान भोलेनाथ की आराधना करते रहे।
सावन की भक्ति, शिव नाम का जाप और भजनों की गूंज ने ऐसा माहौल बनाया कि कुछ देर के लिए हर कोई सांसारिक चिंताओं से दूर होकर पूरी तरह शिवभक्ति में डूबा नजर आया।
विशेष श्रृंगार के बाद हुई महाआरती
विशाल सहस्त्रधार अभिषेक संपन्न होने के बाद भगवान नर्मदेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार किया गया। भोलेनाथ को आकर्षक रूप से सजाकर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद विधि-विधान से महाआरती हुई।
महाआरती के दौरान मंदिर परिसर एक बार फिर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर भगवान शिव से परिवार और समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की।
महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन के पुण्य में सहभागी बनने का आनंद लिया।
सामूहिक आस्था ने बनाया आयोजन को खास
इस पूरे धार्मिक आयोजन में श्री बालाजी महिला मंडल, श्री सोहनलाल सालोलिया वेलफेयर सोसायटी और समस्त भक्तजनों की सामूहिक सहभागिता रही। महिलाओं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ भजन-कीर्तन से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
आयोजन के सफल संपन्न होने पर महिला मंडल के सभी सदस्यों एवं सोसायटी की ओर से अविनाश शर्मा ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भक्तों की सहभागिता और सहयोग से ही इस तरह के धार्मिक आयोजन सफल होते हैं।
सावन में शिव आराधना का संदेश
श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस महीने में शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और विशेष पूजा-अर्चना का दौर चलता है। ऐसे में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सहस्त्रधार अभिषेक ने न केवल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद दिया, बल्कि सामूहिक शिव आराधना की परंपरा को भी मजबूत किया।
शनिवार का यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए सिर्फ पूजा का अवसर नहीं रहा, बल्कि आस्था, भक्ति, भजन और सामूहिक सहभागिता का ऐसा संगम बना, जिसमें पूरा खान्या के बालाजी मंदिर परिसर शिवमय हो उठा। जल की हर बूंद में आस्था थी, हर मंत्र में शक्ति थी और हर जयकारे में भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास—हर-हर महादेव की गूंज के साथ सावन की यह शाम लंबे समय तक श्रद्धालुओं की स्मृतियों में बसी रहेगी।