BHILWARA

बारिश में टायरों और चद्दर के सहारे हुआ अंतिम संस्कार

(दिनेश कुमार सुवालका भटेड़ा)
भटेड़ा -भीलवाड़ा जिले की बनेड़ा पंचायत समिति के माताजी का खेड़ा (भटेड़ा) गांव में विकास के दावों की पोल खोलती एक हृदय विदारक तस्वीर सामने आई। बुधवार को 80 वर्षीय चुन्नी दास वैष्णव के निधन के बाद उनके परिजन व ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन यहां कोई भी बुनियादी सुविधा नहीं होने से अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश के चलते ग्रामीणों को न केवल टायरों का सहारा लेकर शव जलाना पड़ा, बल्कि चिता को बारिश से बचाने के लिए लोहे के पाइप के सहारे चद्दर पकड़कर लगभग 3 घंटे तक खड़े रहना पड़ा।

यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को उजागर करती है। माता जी का खेड़ा (भटेड़ा) में श्मशान घाट की बदहाली ऐसी थी कि एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार भी सम्मानजनक तरीके से करना मुश्किल हो गया। श्मशान घाट पर अंतिम यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था भी नहीं है, जिसके चलते बारिश में लोग छात्ता के सहारे खड़े रहकर अंतिम संस्कार किया। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी श्मशान घाट में मूलभूत सुविधाएं या तो नदारद हैं या बेहद खराब स्थिति में हैं।

रास्ते में भी कीचड़, टीनशेड भी नहीं….
माता जी का खेड़ा (भटेड़ा) गांव से श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए रास्ते में कीचड़ और बरसाती पानी से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के समय अंतिम संस्कार की सबसे बड़ी परेशानी आती है। इसके चलते स्थानीय प्रशासन के खिलाफ ग्रामीण में रोष है।

KAPIL SHYAM VIJAY

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