रविवार को भीलवाड़ा के मेन मार्केट में सड़क किनारे कपड़ा बेचने वाले और दुकानदार आमने-सामने हो गए। दोनों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए।
व्यापारियों ने सड़क पर बैठकर जाम लगाया तो रोड किनारे कपड़े बेचने वालों ने बीच सड़क अपने कपड़े जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बाजार में जाम लग गया, जिसे पुलिस ने खुलवाया।
मामला शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां रेलवे स्टेशन रोड पर हर संडे को सड़क किनारे पुराने कपड़े बेचने वाले अपनी दुकान लगाते हैं। इस दौरान बाजार में बंद दुकानों के बाहर बैठकर ये पिछले लंबे समय से अपना व्यापार करते आ रहे हैं। पिछले कुछ समय से इनकी संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे बंद दुकानों के साथ ही खुली दुकानों के बाहर भी अतिक्रमण हो जाता है।
व्यापारियों का आरोप- दुकानों के बाहर हो रहा अतिक्रमण
व्यापारियों की दुकानों तक ग्राहक को आने में समस्या का सामना करना पड़ता है, इसी को लेकर आज व्यापारी इकट्ठा हुए और उन्होंने विरोध किया।

व्यापारियों का कहना है कि ये पुराने कपड़े बेचने वाले अपना व्यापार करें, हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अतिक्रमण करके खुली हुई दुकान के मेन गेट और बाजार को जाम कर देते हैं। इससे हमारी दुकानदारी पर असर पड़ता है, हम लोग सिर्फ इतना चाहते हैं कि ये सड़क के किनारे बैठे और अपना व्यापार करते रहें, अतिक्रमण ना करें।
कपड़ा व्यापारी बोले- हम केवल संडे को लगाते हैं दुकान
वहीं, सड़क किनारे पुराने कपड़ा बेचने वालों को कहना है- हम लोग सप्ताह में केवल एक दिन रविवार को आते हैं ऐसे में भी व्यापारियों को परेशानी है। कपड़े का माल अगर हमारे पास है तो उसे सजा कर रखना पड़ेगा, अगर हम हमारे माल को सजा कर नहीं बेचेंगे तो हमसे पुराना कपड़ा कौन खरीदने आएगा। ऐसे में सड़क किनारे कपड़ा बेचने वाले व्यापारियों ने विरोध के रूप में अपने कपड़े बीच बाजार लाए और उनमें आग लगा दी।
पुलिस और नगर निगम की टीम ने समझाइश की
इस दौरान व्यापारी वर्ग भी सड़क पर बैठ गया और विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और नगर निगम का जाप्ता भी वहां पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की बात कही।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों से समझाइश की गई, इसके बाद पुराने कपड़े बेचने वालों ने अपने अतिक्रमण को कम किया, वहीं बाजार का जाम खुलवा ट्रैफिक क्लियर करवाया गया।
