सिंधु संस्कृति की अलख लेकर शाहपुरा पहुंची गौरव यात्रा, युवाओं में जागा संस्कृति और सनातन गौरव का जोश

BHILWARA
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शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
राजस्थान भर में सिंधी समाज को अपनी जड़ों, मातृभाषा और सनातन संस्कृति से जोड़ने का संदेश लेकर निकली “सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा” मंगलवार देर शाम जब शाहपुरा पहुंची तो शहर का वातावरण सिंधु संस्कृति और धार्मिक उल्लास से सराबोर हो उठा।


त्रिमूर्ति स्मारक और संत कंवरराम धर्मशाला तक समाजबंधुओं ने यात्रा एवं पदाधिकारीयों का भव्य स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और जयघोष के बीच पूरा माहौल “जय झूलेलाल” और “सिंधु संस्कृति अमर रहे” के नारों से गूंज उठा।भारतीय सिंधु सभा द्वारा निकाली जा रही इस यात्रा का उद्देश्य सिंधी समाज की नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली विरासत, संस्कृति, मातृभाषा और सनातन परंपराओं से जोड़ना है। यात्रा के शाहपुरा आगमन पर समाजजनों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए।यात्रा के साथ भारतीय सिंधु सभा के  प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर मोरवाणी, मातृशक्ति प्रदेशाध्यक्ष शोभा बसंताणी, प्रदेश प्रचार प्रभारी मूलचंद बसंताणी, सह संयोजक डॉ. प्रदीप गेहाणी, संभागीय अध्यक्ष वीरूमल पुरूसाणी तथा जिला अध्यक्ष परमानंद गुरनानी भीलवाड़ा के कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश गुलाब वानी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
“नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना ही सबसे बड़ा लक्ष्य”–
संत कंवरराम धर्मशाला में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर मोरवाणी   ने कहा कि सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज जागरण का विराट अभियान है। उन्होंने कहा कि आज आधुनिकता की दौड़ में नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और मातृभाषा से दूर होती जा रही है। ऐसे समय में समाज को अपनी पहचान बचाने के लिए एकजुट होकर आगे आना होगा।उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की संस्कृति त्याग, सेवा, व्यापारिक नैतिकता और सनातन मूल्यों से समृद्ध रही है। इस गौरवशाली विरासत को युवाओं तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

सिंधु संस्कृति गौरव रथ यात्रा के सहसंयोजक डॉक्टर प्रदीप गेहानी  ने कहा कि यदि समाज अपनी संस्कृति और भाषा को बचा लेता है तो उसकी पहचान सदैव जीवित रहती है।
गेहानी ने यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि 29 दिवसीय यह यात्रा राजस्थान के 31 जिलों में लगभग 5 हजार किलोमीटर का सफर तय करेगी। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर सिंधु संस्कृति सम्मेलन, युवा संवाद, मातृशक्ति सम्मेलन और बाल संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक चेतना का संचार करना है, ताकि युवा वर्ग अपनी सभ्यता और संस्कारों को समझ सके। उन्होंने समाजबंधुओं से अधिकाधिक संख्या में यात्रा से जुड़ने और आने वाली पीढ़ी को सिंधी संस्कृति के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने सिंधी भाषा के कोर्स तथा बाल संस्कार शिविर के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए सभी से जुड़ने का आह्वान किया
मातृशक्ति निभा रही अहम भूमिका–
मातृशक्ति प्रदेशाध्यक्ष शोभा बसंताणी ने कहा कि समाज की संस्कृति और संस्कारों को घर-घर तक पहुंचाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि बाल संस्कार शिविरों के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, सिंधी परंपराओं और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है। बड़ी संख्या में महिलाएं इन शिविरों के संचालन और आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
सिंधु दर्शन यात्रा की भी दी जानकारी–
प्रदेश प्रचार प्रमुख एवं सिंधु दर्शन यात्रा प्रभारी मूलचंद बसंतानी ने आगामी माह प्रस्तावित सिंधु दर्शन यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा समाज को अपनी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज को अपनी संस्कृति और इतिहास पर गर्व होना चाहिए तथा इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
त्रिमूर्ति स्मारक पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि–
यात्रा त्रिमूर्ति स्मारक पहुंची, जहां अतिथियों और समाजजनों ने क्रांतिकारी बारहठ बंधुओं की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान देशभक्ति और समाज जागरण का संदेश भी दिया गया। बाद में धर्मशाला में आयोजित समारोह में प्रताप सिंह भारत सेवा संस्थान के सचिव कैलाश सिंह जाड़ावत ने सिंधु सभा के प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर मोरवानी का अभिनंदन करते हुए बारहठ परिवार का साहित्य स्मृति चिन्ह भेंट किया.

समाज की एकजुटता का दिखा भव्य नजारा–संत कंवरराम धर्मशाला में आयोजित समारोह में पूज्य सिंधी पंचायत शाहपुरा के अध्यक्ष लीलाराम वासवानी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम का संचालन मूलचंद पेसवानी ने किया, जबकि अंत में सिंधु सभा अध्यक्ष चेतन चंचलानी ने आभार व्यक्त किया। समारोह में पूज्य सिंधी पंचायत के महासचिव नरेश लखपतानी, कोषाध्यक्ष अशोक थानवानी, सभा की मातृ शक्ति अध्यक्ष शिल्पा सामतानी सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, मातृशक्ति और युवा वर्ग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में सिंधी समाज की एकजुटता, संस्कृति के प्रति समर्पण और युवाओं में बढ़ता उत्साह साफ दिखाई दिया। समारोह में सिंधु सभा की मातृ शक्ति अध्यक्ष शोभा बसंतानी में शाहपुरा की गुरुयानी का भी अभिनंदन किया.