116 करोड़ का रामधाम आरओबी मंजूर, अगले 6 माह में शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
राजस्थान के औद्योगिक शहर भीलवाड़ा को जल्द ही ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या से राहत मिलने जा रही है। चित्तौड़ रोड स्थित रामधाम क्षेत्र में प्रस्तावित रेलवे ओवर ब्रिज आरओबी को रेलवे बोर्ड ने अंतिम मंजूरी दे दी है। करीब 116 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शहर के ट्रैफिक सिस्टम को नया स्वरूप देगा और विकास की रफ्तार को तेज करेगा।

सांसद प्रवक्ता विनोद झुरानी ने बताया कि सांसद दामोदर अग्रवाल के लगातार प्रयासों और रेलवे मंत्रालय स्तर पर की गई प्रभावी पैरवी के बाद रेलवे बोर्ड ने इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। शहरवासियों को लंबे समय से रामधाम रेलवे फाटक पर लगने वाले भारी जाम से जूझना पड़ रहा था। फाटक बंद होने पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे आमजन, व्यापारियों और विद्यार्थियों को भारी परेशानी होती थी। अब इस ओवरब्रिज के बनने से लोगों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
सांसद अग्रवाल ने बताया कि रेलवे द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट डीपीआर और लागत का पूरा आकलन पहले ही तैयार किया जा चुका है। लगभग 750 मीटर लंबे इस आरओबी पर करीब 116 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेलवे बोर्ड से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद अब वित्तीय स्वीकृतियों और टेंडर प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले छह माह में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
इस ओवरब्रिज की खास बात इसका आधुनिक निर्माण मॉडल होगा। पारंपरिक रेलवे पुलों की तरह इसमें भारी लोहे के गार्डर का उपयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि पूरा पुल आधुनिक कॉलम बेस तकनीक पर तैयार होगा। इससे पुल अधिक मजबूत और टिकाऊ बनेगा। साथ ही पुल के नीचे ट्रैफिक संचालन के लिए पर्याप्त जगह और बेहतर विजिबिलिटी बनी रहेगी।
रेलवे सलाहकार समिति सदस्य प्रेम स्वरूप गर्ग ने बताया कि इस आरओबी का डिजाइन भी बेहद खास रखा गया है। रेलवे बोर्ड ने इसे एच शेप डिजाइन में मंजूरी दी है। पुल दोनों तरफ करीब 280-280 मीटर तक चढ़ान वाला होगा तथा इसका मध्य भाग लगभग 20 मीटर चैड़ा रहेगा। यह द्विमार्गीय ओवरब्रिज होगा, जिससे वाहनों की आवाजाही सुगम हो सकेगी। रामधाम क्षेत्र की सड़क चैड़ाई और कनेक्टिविटी को देखते हुए एच शेप डिजाइन सबसे उपयुक्त माना गया है। इससे रेलवे फाटक बंद होने की स्थिति में लगने वाला लंबा जाम पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद भीलवाड़ा का ट्रैफिक ढांचा आधुनिक रूप लेगा और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान मिलेगी।
