दिलखुश मोटीस
सावर(अजमेर)@ग्राम पिपलाज में नवनिर्मित भगवान बाबा रामदेव मंदिर में मूर्ति स्थापना, प्राण प्रतिष्ठा एवं मंदिर शिखर पर स्वर्ण कलश स्थापना को लेकर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के तहत रविवार रात्रि मंदिर परिसर में संत ओंकार दास कोटा की अध्यक्षता में भव्य सत्संग समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे संत-महात्माओं ने गुरु ज्ञान, धर्म एवं भक्ति पर आधारित प्रवचनों और भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि शाहपुरा विधायक प्रत्याशी रहे नरेंद्र कुमार रेगर, रेगर महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश कांसोटिया, अजमेर जिला अध्यक्ष गुदड़मल जगरवाल, कर्नल दुर्गा लाल रेगर एवं समरवीर सिंह शक्तावत ने दीप प्रज्वलित एवं बाबा रामदेव की आरती कर किया।

शक्करगढ़ से आए गायत्री परिवार के संत रामलाल जोजर ने “सत्संग अमर जड़ी…” भजन प्रस्तुत कर सत्संग की महिमा बताई। किशनगढ़ कृष्णापुरी से आए संत बन्ना लाल दौलिया ने “प्रभु तेरी माया अनंत अपारा…” भजन प्रस्तुत करते हुए कहा कि कलयुग में सच्ची भक्ति से भगवान भक्तों का कल्याण करते हैं। सोबड़ी से आई नन्ही गायिका शिवानी वर्मा ने “लीलो लीलो घोड़लियो…” भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं की खूब वाहवाही लूटी। वहीं प्रभुलाल बादल द्वारा प्रस्तुत “पिपलाज में मंदिर बणियों भारी…” भजन पर श्रद्धालु झूम उठे।
कार्यक्रम में रेगर महासभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी महावीर कांसोटिया, शाहपुरा जिला अध्यक्ष रतनलाल मुंडेतिया, प्रभुलाल जागृत सहित कई अतिथियों का आयोजन समिति के मेवालाल जगरवाल, धर्मराज रेगर एवं अन्य पदाधिकारियों ने माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रभुलाल बादल एवं लादूराम ने किया।
सत्संग में थड़ोली के संत किशनलाल सुवासिया, शक्करगढ़ के संत नानूराम, कोटा के संत ओंकार दास, कराड़खेड़ी बूंदी के संत मदनलाल कांसोटिया, अमरगढ़ के संत भागचंद दास, सरवाड़ के गरीब दास महाराज, धुआंकला की नन्ही गायिका सुलोचना तथा प्रान्हेड़ा की साध्वी द्वारका बाई सहित अनेक संत-महात्माओं ने गुरु महिमा, ईश्वर भक्ति और धर्म पर आधारित भजनों की प्रस्तुतियां दीं।
आयोजन में जयपुर, कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, टोंक और अजमेर सहित विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 7 हजार समाजबंधुओं ने भाग लिया। ब्रह्ममुहूर्त में “बैकुंठा में बाबा होवे थारी आरती…” के साथ महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया।
स्वर्ण कलश स्थापना के साथ हुआ प्राण प्रतिष्ठा समारोह
सोमवार सुबह नवनिर्मित बाबा रामदेव मंदिर में यज्ञाचार्य संत ओंकार दास, गायत्री परिवार के संत नानूराम एवं रामलाल जोजर के सानिध्य में यज्ञ-हवन के बाद भगवान बाबा रामदेव की सवा तीन फीट ऊंची आकर्षक प्रतिमा सहित अन्य प्रतिमाओं का गंगाजल, दुग्धाभिषेक एवं नैवेद्य से अभिषेक कर मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न करवाई गई। शुभ मुहूर्त में दोपहर को मंदिर शिखर पर स्वर्ण कलश स्थापना की गई, जिसके साक्षी प्रदेशभर से आए सैकड़ों श्रद्धालु बने।
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में गोपाललाल नींदरिया, कालूराम नींदरिया, मदनलाल रेगर, त्रिलोक जगरवाल, पप्पू नींदरिया, महावीर नींदरिया, दिनेश नींदरिया, लादूराम एवं हेमराज नींदरिया सहित कई कार्यकर्ताओं ने सहयोग दिया।
