*पुनित चपलोत*
भीलवाड़ा । सोने के जेवरात गिरवी रखकर बिना ब्याज के पैसे दिलाने का झांसा देकर साढ़े सात तोला (75 ग्राम) सोने के गहने हड़पने और अब वापस मांगने पर मोटी रकम, भारी ब्याज व पेनल्टी की नाजायज मांग कर डराने-धमकाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने इस संबंध में पहले प्रतापनगर थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर गुरुवार को पीड़िता ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) भीलवाड़ा के समक्ष उपस्थित होकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

मूल रूप से डोंबिवली (ईस्ट मुंबई, महाराष्ट्र) की रहने वाली और हाल निवासी प्रतापनगर (चित्तौड़गढ़) धनश्री संदीप अल्वेकर (33) पत्नी संदीप नारायण अल्वेकर ने एसपी को सौंपे प्रार्थना पत्र में बताया कि वह पिछले करीब एक वर्ष से चित्तौड़गढ़ में रहकर कार्य कर रही है। करीब 3-4 वर्ष पूर्व उसका संपर्क शास्त्रीनगर, भीलवाड़ा निवासी रेनू चतुर्वेदी से हुआ था, जिससे धीरे-धीरे उसकी दोस्ती हो गई। रेनू कभी-कभार उससे मिलने आती थी और अपने साथ सादिक हसैन उर्फ सोनू खान नाम के व्यक्ति को भी लाती थी
शिकायत के अनुसार, सितंबर 2025 में पीड़िता धनश्री को व्यापार के लिए रुपयों की आवश्यकता हुई। इस पर उसने रेनू चतुर्वेदी से अपनी जरूरत बताई और कहा कि वह अपना सोना गिरवी रखकर कहीं से 3 लाख रुपये की व्यवस्था करवा दे। इस पर रेनू ने उसे झांसा दिया कि वह बिना किसी ब्याज के उसे पैसे दिलवा देगी, लेकिन रकम टुकड़ों में मिलेगी। झांसे में आकर पीड़िता सितंबर 2025 में पुर रोड स्थित एक होटल में रुकी, जहां रेनू चतुर्वेदी और सादिक हुसैन उर्फ सोनू खान आए। धनश्री ने उन्हें अपने साढ़े सात तोला (75 ग्राम) सोने के जेवरात (जिसमें साढ़े तीन तोले का एक मंगलसूत्र, ढाई तोले की एक सोने की चैन और आधा-आधा तोले की तीन अंगूठियां शामिल थीं, जिनकी कुल कीमत करीब 10 से 12 लाख रुपये है) सौंप दिए। इसके बाद आरोपी उसे गाड़ी नंबर RJ-06-CF-7137 में बैठाकर शहर में घुमाते रहे और सोना गिरवी रखने की बात कहकर उसे गाड़ी में ही बैठाए रखा। वापस आकर आरोपियों ने कहा कि सोना गिरवी रख दिया है, कल तुम्हें 50 हजार रुपये मिल जाएंगे।
इस पर मैनें दोनों पर विश्वास कर लिया और फिर उन्होंने मेरे फोन पे पर 50 हजार रूपये ट्रांसफर करवा दिये और उसके बाद मुझे 2,50,000/- रूपये भी फर्दन-फर्दन दे दिये और फिर मुझे 70 हजार की ओर आवश्यकता होने से मैनें रेणु से कहा तो उसने कहा कि तेरा सोना करीब 10-12 लाख का है इसलिये मैनें जिसके यहां तेरा सोना गिरवी रखा है उससे तुझे 70 हजार ओर दिलवा दूंगी इस प्रकार मुझे कुल 3.70,000/-रूपये किस्तों में दिलवा दिये।
जनवरी 2026 में जब पीड़िता ने रुपयों की व्यवस्था होने पर अपना सोना वापस मांगा, तो आरोपी रेणु चतुर्वेदी और सादिक हुसैन टालमटोल करने लगे और फोन उठाना बंद कर दिया। काफी दबाव बनाने पर आरोपियों ने कहा कि अब 01 प्रतिशत प्रति माह के हिसाब से ब्याज और पेनल्टी लगेगी, तभी सोना वापस मिलेगा। जब पीड़िता ने बिना ब्याज की बात याद दिलाई तो आरोपियों ने धमकी दी कि अगर ज्यादा तकाजा किया तो तेरा सोना भूल जाना और वॉट्सऐप कॉल पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए सोना हड़पने की धमकी दी। आरोपियों ने साफ कह दिया कि उन्हें तो पीड़िता को विश्वास में लेकर धोखाधड़ी करनी थी, जो उन्होंने कर ली।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उसके साथ छल-कपट और धोखाधड़ी कर उसके लाखों के जेवरात हड़प लिए हैं और उसे खुर्द-बुर्द करने की फिराक में हैं। इस संबंध में पीड़िता ने गत 2 जून 2026 को भीलवाड़ा के प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। पुलिस की इसी सुस्ती के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और वे पीड़िता को लगातार 10 प्रतिशत प्रति माह ब्याज व पेनल्टी की नाजायज मांग कर डरा रहे हैं। आरोपियों ने पीड़िता को यह भी धमकी दी कि थाने में उनकी ऊंची पहुंच है और पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।
परेशान होकर पीड़िता ने एसपी से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ सख्त मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, वारदात में प्रयुक्त वाहन को जब्त किया जाए और उसका साढ़े सात तोला सोना सकुशल बरामद करवाया जाए।
