विधानसभा में गूंजी मांडलगढ़ के किसानों की आवाज: विधायक गोपाल खंडेलवाल ने रखी बांधों और एनीकटों के जीर्णोद्धार की विशाल सूची

जयपुर/मांडलगढ़। मांडलगढ़ विधायक श्री गोपाल लाल शर्मा ने आज राजस्थान विधानसभा में क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले बांधों, नहरों और एनीकटों की जर्जर स्थिति पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से विधायक शर्मा ने क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की।
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विधायक खंडेलवाल ने सदन को अवगत कराया कि अतिवृष्टि और रखरखाव के अभाव में क्षेत्र के जल स्रोत अपनी क्षमता खो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जनहित में निम्नलिखित सभी परियोजनाओं का निर्माण, मरम्मत और जीर्णोद्धार (रिनोवेशन) तत्काल प्रभाव से कराया जाए:
बांध एवं मुख्य नहरें:
घोवटा बांध, जैतपुरा बांध, अनुवासा बांध, शिवसागर बांध, सुशील सागर बांध, पचाणपुरा बांध, डामटी बांध, धोबीघट्टा बांध, मोतीपुरा बांध, कुण्डिया खाल बांध, सुशीला सागर बांध,ढेरी नाला बांध तथा बीकरण बांध। विधायक जी ने बीकरण बांध की दायीं व बायीं मुख्य नहरों के साथ-साथ जैतपुरा, अनुवासा और घोवटा बांध की नहरों के रिनोवेशन की भी मांग की।


एनीकट एवं नवीन कार्य:
तिलस्वां एनीकट (ऐरू नदी), जूड का नाका एनीकट, जालम की झोपड़ियां एनीकट, नेगड़िया खाल एनीकट, देवनारायण की बनी में एनीकट निर्माण, किशना का झोपड़ा एनीकट तथा कुराड़िया का देवलदा में एनीकट निर्माण।
विशेष परियोजना:
विधायक खंडेलवाल ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए मांग की कि सुठेपा में धोलादाता तालाब का अधिशेष पानी (जो बहकर व्यर्थ चला जाता है) उसे सुठेपा तालाब में डालने हेतु नई कैनाल (नहर) का निर्माण करवाया जाए।

विधायक जी ने पुरजोर शब्दों में कहा कि मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की कृषि और अर्थव्यवस्था इन जल संरचनाओं पर टिकी है, अतः इनका जीर्णोद्धार कर आमजन को राहत प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।



