“ग्रामीणों की शिकायत के बाद उदयपुर-जयपुर से टीमें पहुँचीं, गिरवरपुरा विद्यालय में निर्माण घोटाला! घटिया ईंट, सीमेंट और फाउंडेशन का भंडाफोड़, ठेकेदार को जमकर फटकार”

20 बीघा चारदीवारी और फाउंडेशन तोड़कर ब्रांडेड सामग्री से पुनर्निर्माण का आदेश
दिलखुश मीणा
सावर (अजमेर)@जनजाति आवासीय विद्यालय, गिरवरपुरा नापाखेड़ा में निर्माण कार्य अब खुला घोटाला बन गया है। सतर्क ग्रामीणों की शिकायत के बाद उदयपुर और जयपुर से आई जांच टीम ने मौके पर जाकर हर ईंट, कोलम और फाउंडेशन का निरीक्षण किया।
जांच टीम में NABCONS के सीनियर स्ट्रक्चर इंजीनियर, सपोर्ट इंजीनियर अक्षय सिंह, अकाउंटेंट महेंद्र यादव, सावर विकास अधिकारी चिरंजी लाल वर्मा और कनिष्ठ सहायक पुष्पेन्द्र शर्मा शामिल थे।

टीम ने पाया कि चारदीवारी की नींव केवल 1.5 फीट गहरी थी, जबकि मानक अनुसार 4 फीट होनी चाहिए। फाउंडेशन निर्माण भी निर्धारित मापदंडों के खिलाफ था। इसके साथ ही गिट्टी, सीमेंट और ईंटें घटिया गुणवत्ता की थीं।
जांच टीम ने ठेकेदार को चेतावनी दी:
> “घटिया दीवार और फाउंडेशन को तोड़कर सही मापदंड और ब्रांडेड सामग्री से पुनर्निर्माण करवाया जाए।”
इस आदेश के अनुसार लगभग 20 बीघा में बनी चारदीवारी और फाउंडेशन को तुरंत तोड़कर दोबारा निर्माण कराया जाएगा। टीम ने कहा कि इस तरह की लापरवाही बच्चों की सुरक्षा और सरकारी धन दोनों के लिए गंभीर खतरा है।
निर्माण कार्य की स्वीकृति स्वच्छ परियोजना निदेशालय, उदयपुर द्वारा दी गई थी। कार्य 29 सितंबर 2023 से शुरू होकर 28 दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन समय पर पूरा न होने पर विभाग ने अवधि 27 जून 2026 तक बढ़ा दी है।
निर्माण कार्य प्रतापगढ़ की जैन कंस्ट्रक्शन कंपनी को लगभग 14.35 करोड़ रुपए की लागत से आवंटित किया गया है।
स्थानीय लोग राहत की सांस ले रहे हैं। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई न होती, तो भवन खतरनाक स्थिति में बदल सकता था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह लापरवाही सिर्फ बच्चों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सरकारी धन की बर्बादी भी साबित करती है।



