BHILWARA

रामनिवास धाम में फूलडोल के पहले दिन भाईचारे की मिसालः फकीर शाह समुदाय को दी प्रसादी

शाहपुरा, मूलचन्द पेसवानी
शाहपुरा में रामस्नेही संप्रदाय की मुख्यपीठ रामनिवास धाम में मंगलवार को फूलडोल महोत्सव का शुभारंभ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल के साथ हुआ। पहले ही दिन सूरजपोल के पास संतों की पंगत स्थल पर फकीर शाह समुदाय के महिला-पुरुषों को संप्रदाय की ओर से विशेष सम्मान के साथ भोजन कराया गया और उनके परिजनों के लिए प्रसादी दी गई।

खास बात यह रही कि जो प्रसादी संत स्वयं ग्रहण करते हैं, वही श्रद्धा-सम्मान के साथ फकीर समुदाय को भी परोसी गई। इसमें चावल व चवला अलग से, मिठाई और रामद्वारा में विशेष रूप से तैयार किए गए लड्डू शामिल रहे।
कार्यक्रम की अगुवाई रामस्नेही संप्रदाय के भंडारी संत शंभुराम महाराज एवं रामस्नेही संत तोताराम खाचरोद ने की। संतों के हाथों प्रसादी पाकर फकीर शाह समुदाय के लोग भावविभोर दिखे और इसे अपने जीवन का सौभाग्य बताया।


फकीर शाह समुदाय के प्रतिनिधि कय्युम शाह ने इस अवसर पर रामस्नेही संप्रदाय और संप्रदाय के पीठाधीश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके लिए दुआ मांगी। भंडारी संत शंभुराम महाराज ने कहा कि संप्रदाय में यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और “जियो और जीने दो” का सिद्धांत ही इसकी आत्मा है। संत तोताराम खाचरोद ने कहा कि सनातन संस्कृति की इससे बड़ी मिसाल क्या हो सकती है कि बिना निमंत्रण के फकीर समुदाय के लोग यहां आते हैं और उन्हें पूरे सम्मान के साथ संतों जैसी ही प्रसादी दी जाती है। महोत्सव के पहले दिन प्रतिवर्ष यह आयोजन होता है और आज के वैश्विक दौर में भी यह परंपरा जीवित है।


इस मौके पर सूर्यप्रकाश बिड़ला ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए जयकारे लगाए। कार्यक्रम में नारायण सिंह, राकेश सोमाणी, रामसहाय बिड़ला, सतीश काबरा, गोपाल सैनी, सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

KAPIL SHYAM VIJAY

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