योगनगरी-उदयपुर एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की मांग, रेलवे की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का किया अवलोकन
भीलवाड़ा। संयुक्त संसदीय रेलवे समिति (जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी ऑन रेलवे) के नौ दिवसीय अध्ययन दौरे के दौरान आयोजित विशेष बैठक में भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल ने रेलवे एवं पर्यटन विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। ऋषिकेश-सिंगथली में आयोजित बैठक में सांसद अग्रवाल ने रेलवे अधिकारियों के समक्ष योगनगरी-उदयपुर एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन के बजाय प्रतिदिन संचालित करने की जोरदार मांग उठाई।

सांसद प्रवक्ता विनोद झुरानी ने बताया कि सांसद अग्रवाल ने आईआरसीटीसी के माध्यम से “मेवाड़ गौरव दर्शन टूरिस्ट सर्किट” प्रारंभ करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि इस सर्किट के माध्यम से महाराणा प्रताप, पन्नाधाय, महाराणा कुंभा, पूंजा भील, मीराबाई एवं रानी पद्मिनी जैसी विभूतियों से जुड़े मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को देशभर के पर्यटकों तक पहुंचाया जा सकेगा।

चारधाम रेल परियोजना का किया निरीक्षण
अध्ययन दौरे के दौरान सांसद अग्रवाल को प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी चारधाम रेल कनेक्टिविटी परियोजना के प्रथम चरण योगनगरी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का अवलोकन करने का अवसर मिला। लगभग 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही 125 किलोमीटर लंबी इस परियोजना का कार्य तेजी से जारी है और इसके दिसंबर 2029 तक पूर्ण होने की संभावना है।
सांसद ने बताया कि परियोजना के तहत निर्मित 14.58 किलोमीटर लंबी टनल-8, जो भारत की सबसे लंबी रेलवे सुरंगों में शामिल है, का निरीक्षण करना रोमांचक और अविस्मरणीय अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भारतीय इंजीनियरों द्वारा किया जा रहा कार्य देश की तकनीकी क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
सिक्किम रेलवे परियोजना की सराहना
दौरे के दौरान सांसद अग्रवाल ने सिक्किम में निर्माणाधीन शिवोक-रंगपो नई रेल लाइन परियोजना का भी निरीक्षण किया। लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में भारतीय इंजीनियरों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उल्लेखनीय कार्य किया है।
उन्होंने बताया कि 45 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन में 39 किलोमीटर हिस्सा 14 सुरंगों से होकर गुजरता है तथा 13 बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत एक रेलवे स्टेशन भी सुरंग के भीतर विकसित किया जा रहा है। सांसद ने कहा कि यह परियोजना भारत में तेजी से हो रहे आधारभूत ढांचा विकास और आधुनिक इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण है।
