मेवाड़ से मारवाड़ जा रही नशे की खेप पर ANTF की सर्जिकल स्ट्राइक: ट्रक के गुप्त चैंबरों से 517 किलो डोडा चूरा बरामद, बाड़मेर का तस्कर गिरफ्तार

BHILWARA
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*ब्यूरो चीफ पुनित चपलोत*

भीलवाड़ा (मांडल) //  राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने भीलवाड़ा जिले के मांडल थाना क्षेत्र में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 517.07 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा से भरा एक ट्रक जब्त कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ मेवाड़ से मारवाड़ पहुंचाया जा रहा था, जिसे बीच रास्ते में ही पकड़ लिया गया।

आईजीपी विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रकाश पुत्र जोराराम जाट (31) निवासी ढाको का तला भूणियां, थाना धनाऊ, जिला बाड़मेर है। आरोपी के कब्जे से ट्रक नंबर RJ 38 GA 4189 सहित भारी मात्रा में डोडा चूरा बरामद किया गया।



*ट्रक में बनाए थे गुप्त चैम्बर*
पुलिस के अनुसार आरोपी ने ट्रक की चेसिस, बॉडी, केबिन और फर्श के बीच करीब एक-एक फीट गहरे गुप्त चैम्बर बनवा रखे थे। इन चैम्बरों में डोडा चूरा छिपाकर ऊपर लोहे की चादर वेल्ड कर दी गई थी ताकि सामान्य जांच में ट्रक खाली दिखाई दे।
ANTF और स्थानीय पुलिस ने संदेह होने पर गैस कटर मशीन की मदद से चैम्बरों को काटा, जहां से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ।

*नंबर प्लेट पर लगा रखी थी टेप*
तस्कर ने पुलिस और आम लोगों की नजर से बचने के लिए ट्रक की नंबर प्लेट पर टेप चिपका रखा था, जिससे वाहन के वास्तविक नंबर आसानी से दिखाई नहीं दें। जांच में सामने आया कि आरोपी नशे की खेप सुरक्षित पहुंचाने के लिए यह तरीका अपनाता था।

*सूचना पर बिछाया जाल*
आईजीपी ने बताया कि ANTF को सूचना मिली थी कि चित्तौड़गढ़ की ओर से एक ट्रक भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर मांडल होते हुए बाड़मेर जा रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने निगरानी शुरू की।
मांडल के पास कोठारी नदी पुलिया पर संदिग्ध ट्रक दिखाई देने पर चालक को रुकने का संकेत दिया गया, लेकिन वह ट्रक को तेज गति से भगाने लगा। टीम ने पीछा कर मांडल चौकी के सामने सर्विस रोड पर ट्रक को रुकवा लिया।

*पुलिस को करता रहा गुमराह*
पकड़े जाने के बाद आरोपी लगातार ट्रक खाली होने की बात कहता रहा और खुद को आगे माल भरने जाने वाला चालक बताता रहा। हालांकि पुलिस को उसके व्यवहार पर संदेह हुआ और गहन जांच में ट्रक के भीतर बने गुप्त चैम्बर सामने आ गए।

*प्रति चक्कर 20 हजार रुपये लेता था*
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी मेवाड़ क्षेत्र से मारवाड़ में बैठे तस्करों तक नशे की खेप पहुंचाने का काम करता था। इसके बदले उसे प्रति चक्कर करीब 20 हजार रुपये मिलते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों और सरगनाओं की तलाश में जुटी है।