गोचर भूमि विवाद पर पहली बार गरजे विधायक डॉ. लालाराम बैरवा

BHILWARA
Spread the love


छवि धूमिल करने की रची गई साजिश, जनता करेगी दूध का दूध-पानी का पानी

शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी
शाहपुरा की गोचर भूमि विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से सियासी गलियारों में छाए घटनाक्रम के बीच आखिरकार शाहपुरा विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए विपक्ष पर तीखा पलटवार किया है। भीलवाड़ा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक बैरवा ने अपने और अपने परिवार पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी बढ़ती राजनीतिक स्वीकार्यता और जनाधार से घबराकर विरोधियों ने उनकी छवि खराब करने की सुनियोजित साजिश रची है, लेकिन सच्चाई ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकती।
विधायक बैरवा ने कहा कि गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में उन्होंने हमेशा प्रशासन का सहयोग किया है। उनका स्पष्ट मानना है कि सरकारी भूमि, विशेषकर गोचर भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा चलाए गए अभियान में उन्होंने किसी भी स्तर पर बाधा उत्पन्न नहीं की, बल्कि अवैध अतिक्रमण हटाने के प्रयासों का समर्थन किया। ऐसे में उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि जनता को गुमराह करने का प्रयास भी हैं।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए विधायक बैरवा ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए विपक्षी नेताओं को पहले अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जो लोग आज नैतिकता और कानून की दुहाई दे रहे हैं, उन्हें पहले अपने दामन पर लगे दागों का हिसाब देना चाहिए। विधायक ने कहा कि विपक्ष के एक प्रमुख नेता के मकान को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा अवैध माना जा चुका है और वह आज भी हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के सहारे उस भवन पर काबिज हैं। ऐसे लोग यदि दूसरों पर आरोप लगाते हैं तो जनता सब कुछ देख और समझ रही है।
उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि समय आने पर सच्चाई स्वयं सामने आएगी और जनता दूध का दूध तथा पानी का पानी कर देगी। राजनीतिक लाभ के लिए झूठे आरोप लगाना और भ्रम फैलाना विपक्ष की पुरानी रणनीति रही है, लेकिन अब जनता ऐसे हथकंडों को अच्छी तरह पहचान चुकी है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों शाहपुरा क्षेत्र में गोचर भूमि पर अतिक्रमण को लेकर विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया था। इस मामले में विधायक डॉ. लालाराम बैरवा और उनके परिवार का नाम सामने आने के बाद विपक्ष ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई थीं और विभिन्न स्तरों पर बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया था। इसी विवाद के बीच आज पहली बार विधायक बैरवा ने खुलकर अपनी बात रखी और सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया।
विधायक ने स्पष्ट कहा कि उनका पूरा राजनीतिक जीवन जनहित और कानून के सम्मान के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने हमेशा सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और अवैध कब्जों के खिलाफ आवाज उठाई है। यदि कहीं भी सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण होगा तो वे प्रशासन के साथ मिलकर उसे हटाने की कार्रवाई का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनके विरोधियों के पास जनहित के मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वे व्यक्तिगत आरोपों के जरिए राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जनता सब कुछ देख रही है और सही समय पर उसका जवाब भी देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर झूठे आरोप लगाकर किसी की छवि धूमिल करने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। ऐसे प्रयासों से न तो वे विचलित होंगे और न ही अपने जनसेवा के संकल्प से पीछे हटेंगे। उन्होंने दोहराया कि विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर उनकी प्राथमिकता पहले भी रही है और आगे भी रहेगी।
गोचर भूमि विवाद को लेकर शाहपुरा की राजनीति फिलहाल गर्म बनी हुई है। एक ओर विपक्ष लगातार विधायक पर हमलावर है तो दूसरी ओर विधायक बैरवा ने भी आक्रामक तेवर अपनाते हुए आरोपों का जवाब देना शुरू कर दिया है। फिलहाल विधायक का कहना है कि वे कानून का पूरा सम्मान करते हैं, प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान में सहयोग देते रहेंगे और किसी भी साजिश या झूठे प्रचार से डरने वाले नहीं हैं।