BHILWARA

*हुरड़ा ब्लॉक के निजी स्कूल आज रहें बंद, दमनकारी नीतियों के खिलाफ सौंपा गया ज्ञापन*



भीलवाड़ा फोकस (गोपाल उचेनिया)आगुचा lसरकार की गैर-सरकारी स्कूलों के प्रति कथित दमनकारी नीतियों, प्रताड़ना और आरटीई भुगतान से जुड़ी गंभीर समस्याओं के विरोध में भीलवाड़ा जिला निजी शिक्षण संस्थान द्वारा एक दिवसीय सांकेतिक बंद का आह्वान किया गया और इस आंदोलन के तहत आज हुरड़ा ब्लॉक के समस्त निजी शिक्षण संस्थान  पूर्णतः बंद रहे ।
निजी शिक्षण संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि राज्य में गैर-सरकारी विद्यालयों का सामाजिक और शैक्षिक योगदान उल्लेखनीय होने के बावजूद विभाग और सरकार द्वारा लगातार भेदभावपूर्ण नीतियां अपनाई जा रही हैं।
शाला संबल के नाम पर निजी शिक्षण संस्थानों को परेशान करने की नीति बनाई जा रही है,
आरटीई के तहत मिलने वाले भुगतान को नियमों और अनौपचारिक पाबंदियों के नाम पर रोका जा रहा है, जिससे स्कूलों का वित्तीय संचालन पूरी तरह ठप होने की कगार पर है।
इसके विरोध में आज हुरड़ा ब्लॉक के समस्त निजी विद्यालय बंद रहे और प्रातः 11 बजे सभी संचालक अच्छी संख्या में उपस्थित होकर पहले SDM कार्यालय गुलाबपुरा में , SDM दिव्यराज सिंह चुण्डावत को एवं बाद में, सीबीईओ ऑफिस हुरड़ा में,  ACBEO शंभु सेन को निदेशक शिक्षा विभाग बीकानेर के नाम  ज्ञापन सौंपा गया I
आंदोलन के तहत निजी स्कूलों की प्रमुख मांगों में शिक्षा संबलन निरीक्षण व्यवस्था को तुरंत निरस्त करने, बिना नो-ड्यूज सर्टिफिकेट के अन्य स्कूलों द्वारा सीधे टीसी जारी करने की बाध्यता हटाने और आरटीई के अंतर्गत प्री-प्राइमरी कक्षाओं का बकाया भुगतान तुरंत शुरू करने की मांग शामिल की गई।
इसके अलावा किसी एक कक्षा में नॉन-आरटीई छात्र न होने पर पूरे स्कूल का भुगतान रोकने के नियम को बदलने, कोविड काल में ऑफलाइन शिक्षण कार्य कराने वाले स्कूलों का बिना शर्त भुगतान जारी करने, दोहरे नामांकन व बार-बार जांच के नाम पर प्रताड़ना रोकने, आरटीई यूनिट कॉस्ट में प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि का स्टैंडिंग ऑर्डर जारी करने तथा आरटीई छात्रों की पाठ्यपुस्तकों की राशि सीधे खातों में भेजने की मांग की गई है।
ब्लॉक अध्यक्ष सांवरलाल बैरवा, सचिव विवेक सिंह, मुख्य संरक्षक जगदीश शर्मा सहित समस्त निजी विद्यालय संचालकों ने चेतावनी दी कि यदि आगामी 10 दिनों में इन जायज मांगों का बिना किसी शर्त के निस्तारण नहीं किया गया, तो हुरड़ा ब्लॉक के सभी गैर-सरकारी विद्यालय , प्रदेश भर के समस्त निजी शिक्षण संस्थानों के साथ एक बड़े और व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और राज्य सरकार की होगी।

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