52 गांवों की एकजुटता का संकल्प: चंवरा के बालाजी मंदिर में गुर्जर गौड़ समाज की ऐतिहासिक बैठक,

BHILWARA
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श्यामलाल आचार्य कार्यकारी अध्यक्ष निर्वाचित
महर्षि गौतम ऋषि की पूजा-अर्चना से हुआ शुभारंभ, संगठन विस्तार, धर्मशाला निर्माण और सामाजिक एकता पर लिए गए अहम निर्णय

बड़लियास ( रोशन वैष्णव)
चंवरा के बालाजी मंदिर परिसर में रविवार को गुर्जर गौड़ समाज की 52 गांवों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के आराध्य महर्षि गौतम ऋषि की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद समाज के वरिष्ठजनों एवं विभिन्न गांवों से आए प्रतिनिधियों ने संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता, शिक्षा और समाजहित से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में 52 गांव गुर्जर गौड़ समाज के अध्यक्ष नारायणलाल चतुर्वेदी एवं समाज अध्यक्ष नंदकिशोर आचार्य की अध्यक्षता में संगठन के विस्तार, सामाजिक एकता और समाजहित से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर गहन मंथन किया गया। विचार-विमर्श के उपरांत सर्वसम्मति से श्यामलाल आचार्य (सिंहपुरा) को गुर्जर गौड़ समाज का कार्यकारी अध्यक्ष निर्वाचित किया गया। वहीं मुकेश श्रोती, बाबूलाल जोशी एवं मदनलाल व्यास को कार्यकारिणी सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का समाजजनों ने माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया तथा सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज के 52 गांवों को एकजुट कर संगठन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। प्रत्येक गांव में सक्रिय सदस्य बनाए जाएंगे तथा नियमित बैठकों के माध्यम से सामाजिक गतिविधियों को गति दी जाएगी। साथ ही समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने, युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, सामाजिक समरसता एवं आपसी भाईचारे को मजबूत करने का भी संकल्प लिया गया।
बैठक का एक महत्वपूर्ण निर्णय यह भी रहा कि चंवरा के बालाजी मंदिर परिसर में गुर्जर गौड़ समाज द्वारा समाजबंधुओं की सुविधा एवं सामाजिक-धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए एक भव्य धर्मशाला का निर्माण कराया जाएगा। समाजजनों ने इस प्रस्ताव का सर्वसम्मति से समर्थन करते हुए इसे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया तथा निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर महर्षि गौतम ऋषि की सामूहिक आरती की गई। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं एवं समाजबंधुओं को प्रसाद वितरण किया गया तथा सभी ने सामूहिक महाप्रसादी ग्रहण की। अंत में शीघ्र अगली बैठक आयोजित करने का निर्णय लेते हुए समाज को संगठित, शिक्षित और सशक्त बनाने का सामूहिक संकल्प दोहराया गया।
बैठक में समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं 52 गांवों से आए समाजबंधुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।