बिजोलिया। राजस्थान के प्रसिद्ध शिवधाम श्री तिलस्वां महादेव मंदिर में श्रावण मास के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। पूरे श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ के दर्शन, जलाभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना के लिए राजस्थान सहित मध्यप्रदेश, गुजरात एवं अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजायमान रहेगा।
श्रावण मास में प्रतिदिन प्रातःकाल से ही भगवान शिव के जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जप एवं विशेष पूजन-अर्चन का क्रम चलेगा। श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, अच्छी वर्षा, खुशहाली एवं मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भोलेनाथ की आराधना करेंगे।
चर्म रोग से राहत की आस्था का केंद्र
श्री तिलस्वां महादेव मंदिर के सामने स्थित पवित्र कुंड एवं वहां की पवित्र मिट्टी के प्रति श्रद्धालुओं में वर्षों पुरानी धार्मिक आस्था है। स्थानीय मान्यता के अनुसार श्रद्धापूर्वक पवित्र कुंड में स्नान करने तथा वहां की मिट्टी का लेप करने से चर्म रोग एवं शरीर के कुछ कष्टों से राहत मिलने की मान्यता है। इसी विश्वास के कारण प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं। यह धार्मिक एवं लोकमान्यता पर आधारित आस्था है।
प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण
अरावली अंचल की प्राकृतिक छटा के बीच स्थित यह प्राचीन शिवधाम श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। मंदिर का शांत वातावरण, हरियाली और धार्मिक माहौल श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है। श्रावण मास में पूरा परिसर शिवभक्ति के रंग में रंग जाता है।
एक माह तक चलेंगे धार्मिक आयोजन
मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रावण मास में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। 30 जुलाई 2026 को प्रातः गणपति स्थापना के साथ मंडल पूजा एवं अभिषेक का शुभारंभ होगा। यह अनुष्ठान 26 अगस्त 2026 तक निरंतर जारी रहेगा।
17 अगस्त 2026 को नागपंचमी के अवसर पर विशेष कालसर्प दोष शांति पूजा का आयोजन किया जाएगा।
26 अगस्त 2026 को मंडल हवन, महारुद्र हवन, महामृत्युंजय हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन होगा।
27 अगस्त 2026 को शास्त्रधारा अभिषेक एवं दुग्धाभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा आमंत्रित 11 विद्वान पंडित प्रातः 6 बजे से सायं 5 बजे तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक एवं जप-अनुष्ठान संपन्न कराएंगे। सायंकाल पुष्पांजलि एवं देव विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित होगा।
28 अगस्त 2026 को हेमाद्रि ऋषि पूजन, यज्ञोपवीत पूजन एवं पूर्णावती सहित धार्मिक अनुष्ठानों का समापन होगा।
श्रावण मास के दौरान भगवान शिव का विशेष श्रृंगार, महाआरती, भजन-कीर्तन एवं विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, दर्शन व्यवस्था, सफाई, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं मंदिर ट्रस्ट द्वारा की गई हैं।
गुरु पूर्णिमा पर देश की सुख-समृद्धि के लिए हुई विशेष प्रार्थना
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री तिलस्वां महादेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश चंद्र अहीर एवं सचिव मांगीलाल धाकड़ के नेतृत्व में भगवान भोलेनाथ का विशेष अभिषेक एवं पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान देश में सुख-शांति, अमन-चैन, अच्छी वर्षा, किसानों की लहलहाती फसलें, भूमि में खनिज संपदा की समृद्धि, क्षेत्रवासियों के जीवन में खुशहाली तथा आपसी भाईचारे की भावना बनी रहे, इसके लिए विशेष प्रार्थना की गई। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से देश की रक्षा एवं इंद्रदेव को प्रसन्न करने के उद्देश्य से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि श्री तिलस्वां महादेव मंदिर में वर्षों से उपरमाल क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं के अनुरूप वैदिक विधि-विधान से आयोजन होते आ रहे हैं। श्रावण मास के दौरान भी समस्त कार्यक्रम शास्त्रोक्त परंपरा के अनुसार संपन्न होंगे।
श्रद्धालुओं का कहना है कि श्री तिलस्वां महादेव केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि अटूट आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का दिव्य केंद्र है। श्रावण मास में यहां आने वाला प्रत्येक भक्त भगवान भोलेनाथ की कृपा का अनुभव कर स्वयं को धन्य महसूस करता है।
