मांडलगढ़ में मौसम ने बदली करवट- आधी रात से चली तेज हवाएं, झमाझम बारिश से ठंडक का अहसास , किसानों की फसलें भीगीं

मांडलगढ़।
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय चक्रवातों के असर से रविवार रात मांडलगढ़ क्षेत्र का मौसम अचानक बदल गया। आधी रात के बाद से तेज हवाएं चलने लगीं और घने बादलों ने पूरे इलाके को ढक लिया। देर रात शुरू हुई हल्की बरसात ने सोमवार सुबह झमाझम रूप ले लिया, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम ठंडा हो गया।
[metaslider id=”6401″]
सुबह से ही क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश जारी रही। तेज हवा और फुहारों के बीच सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई स्थानों पर चालक हैंड लाइट जलाकर वाहन चलाते नजर आए। ग्रामीण इलाकों में कीचड़ और फिसलन के कारण लोगों को आवाजाही में भी दिक्कतें आईं।
[metaslider id=”6448″]
बारिश के चलते कस्बे सहित आसपास के गांवों में खेतों में कटी पड़ी फसलें भीग गईं। किसानों ने बताया कि बारिश से मक्का की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है, क्योंकि कटाई के बाद दाने सुखाने के लिए खेतों में ही रखे गए थे। वहीं पशुओं का चारा और कट्टी भी भीग जाने से नुकसान बढ़ गया है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि अगर अगले 24 घंटे तक मौसम साफ नहीं हुआ तो भीगी फसलें खराब हो सकती हैं, जिससे भारी नुकसान का खतरा है।
तेज हवाओं और लगातार बरसात से दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। मौसम में अचानक आए इस बदलाव से दिनभर ठंड का एहसास बना रहा और लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए।



