BHILWARA

राधेनगर के वशिंदे मूलभूत सुविधाओं के अभाव मे नारकीय जीवन जीने को मजबूर

सरकारे आती गई विकास की धारा कागजो मे बहाती गई, परन्तु धरातल पर स्थिति आज भी आदम युग वाली ही है।

कॉलोनीवासी इसे इस बार नगर निगम चुनावों मे चुनावी मुद्दा भी बनाएंगे

भीलवाड़ा
बृजेश शर्मा

पुर रोड स्थित राधेनगर कॉलोनी के लोग इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं. इस कॉलोनी की मुख्य सड़क़े बदहाल स्थिति में है, जिससे लोगों को पैदल चलना भी किसी जंग से कम नहीं लगता.
स्कूली बच्चों को स्कूल जाने में हो रही दिक्कत
कॉलोनी के बच्चों को स्कूल जाने में काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं. बारिश के मौसम में कीचड़ से सनी सड़कों के कारण स्कूल वाहन दरवाजे तक नहीं पहुंच पाते. मजबूरन बच्चों को कीचड़ भरे रास्ते से वाहन तक जाना पड़ता है, जिससे उनके ड्रेस गंदे हो जाते हैं. स्कूल पहुंचने पर उन्हें शिक्षकों की डांट भी सुननी पड़ती है.

एंबुलेंस व दमकल वाहन भी नहीं पहुंच सकते

स्थिति इतनी गंभीर है कि यदि किसी की तबीयत बिगड़ जाये या किसी घर में आग लग जाये, तो न तो एम्बुलेंस और न ही अग्निशमन विभाग की गाड़ी समय पर पहुंच सकती है. इससे किसी भी समय बड़ी अनहोनी की आशंका बनी रहती है.

स्थानीय लोगों ने लगायी गुहार

पवन जैन, संजय छीपा, प्रकाश छीपा, पंकज त्रिपाठी, गोपाल वैष्णव सहित सेंकड़ो महिलाओ ने बताया कि कॉलोनी की सड़क और नालियों के अभाव मे स्थिति बेहद खराब है. यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जलजमाव में पनपने वाले जहरीले मच्छरों से संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं, जिससे कॉलोनी में स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो सकता है. आजादी के सात दशक बाद भी राधेनगर में मूलभूत सुविधायें नदारद रहने से कॉलोनीवासी आज भी नारकीय जीवन जीने के लिए विवश हैं। सरकारें आती गयी विकास का धारा कागजों में बहाती गई परन्तु धरातल पर स्थिति आज भी आदिम युग वाली है।
राधेनगर में न तो पीने को शुद्ध पानी है और ना ही सड़क जिससे क्षेत्रवासी प्रतिदिन इन समस्याओं से दो चार हो रहे हैं।
आज देश सुपर पावर बनने की राह पर है परंतु जमीनी हकीकत देखी जाये तो कॉलोनी के वशिंदे मूलभूत सुविधाओं से भी अभी कोसो दूर है। इस समस्याओ को लेकर कई बार जन प्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन तक अवगत करवाया लेकिन उनके कान तक जूँ नहीं रेंगी,

कॉलोनी विस्थापित होने
के बाद से कॉलोनी वासी आवागमन के लिए सड़क का निर्माण कराए जाने की मांग करते रहे हैं। सड़क निर्माण न कराए जाने से वहाँ के रहवासियों में खासी नाराजगी व्याप्त है। यह सड़क आगामी नगर निगम चुनाव में जन प्रतिनिधियों के लिए मुसीबत बन सकती है। क्षेत्रीय लोग इसे इस बार चुनावी मुद्दा भी बना रहे।

KAPIL SHYAM VIJAY

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