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शाहपुरा में स्मृति, साधना और साहित्य का दिव्य संगम विदूषी शिक्षाविद् अनुराग बाला पाराशर की पुण्य स्मृति में श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव

शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
शाहपुरा की पुण्यभूमि केवल भक्ति और श्रद्धा ही नहीं, बल्कि साहित्य, संस्कार और स्मृति के त्रिवेणी संगम की साक्षी बनने जा रही है। नगर की सुप्रसिद्ध शिक्षाविद्, विदूषी लेखिका एवं संस्कारशील व्यक्तित्व स्वर्गीय अनुराग बाला पाराशर की पावन स्मृति में 15 दिसंबर से 21 दिसंबर तक श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एक ऐसी पुण्यात्मा को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने शिक्षा और साहित्य के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य किया।


स्वर्गीय अनुराग बाला पाराशर एक प्रखर शिक्षाविद् होने के साथ-साथ विदूषी महिला थीं। उन्होंने अपने जीवन को ज्ञान, संस्कार और लेखनी के माध्यम से समाज के उत्थान हेतु समर्पित किया। साहित्य के संसार में उनके द्वारा दी गई सेवाएं अनुकरणीय रहीं। उनकी रचनाएं केवल शब्द नहीं थीं, बल्कि समकालीन समाज का दर्पण थीं। समसामयिक विषयों पर उनकी लेखनी ने पाठकों के दिलो-दिमाग पर गहरी छाप छोड़ी और विचारशीलता को नई दिशा दी।
उनकी पुस्तकें वैश्विक स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुकी हैं, जिनमें भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्य, सामाजिक चेतना और नैतिकता का सशक्त प्रतिबिंब दिखाई देता है। देश-विदेश में उनकी रचनाओं ने पाठकों को प्रभावित किया और उन्हें एक संवेदनशील, चिंतनशील एवं दूरदर्शी लेखिका के रूप में प्रतिष्ठित किया। ऐसी विदूषी की स्मृति में शाहपुरा में आयोजित यह भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ज्ञान और भक्ति का सजीव स्मरणोत्सव है।
कार्यक्रम के आयोजक, सेवानिवृत्त वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार पाराशर ने बताया कि यह सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा आसींद रोड स्थित मालिनी वाटिका में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होगी। कथा महोत्सव में मथुरा के सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित अरुणाचार्य जी महाराज अपनी ओजस्वी वाणी से श्रीकृष्ण लीलाओं एवं भागवत तत्वज्ञान की अमृत वर्षा करेंगे।


कथा का शुभारंभ 15 दिसंबर, सोमवार को प्रातः 10 बजे भव्य मंगल कलश यात्रा से होगा। यह यात्रा परशुराम स्मारक स्थल से मालिनी वाटिका तक बैंड-बाजों और भक्ति संगीत के साथ निकाली जाएगी। संत-महात्माओं एवं कथा वाचक के सान्निध्य में निकलने वाली इस यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर नगर को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर करेंगी।
आयोजक डॉ. कमलेश कुमार पाराशर ने शाहपुरा एवं आसपास के सभी भागवत प्रेमियों, साहित्य अनुरागियों और श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करें और एक विदूषी शिक्षाविद् की पुण्य स्मृति को नमन करते हुए अपने जीवन को भक्ति, संस्कार और सद्विचारों से आलोकित करें।
शाहपुरा में होने वाला यह आयोजन निश्चित रूप से आत्मिक शांति, वैचारिक चेतना और श्रद्धा का अनुपम उत्सव सिद्ध होगा।

KAPIL SHYAM VIJAY

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