भीलवाड़ा। कहीं कैनवास पर शान से लहराता तिरंगा नजर आया तो कहीं भारत माता का मनमोहक स्वरूप। किसी चित्र में स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष की झलक दिखाई दी तो किसी कलाकृति में देश की एकता, संस्कृति और विविधता को रंगों के माध्यम से उकेरा गया। बच्चों की कल्पना और देशभक्ति के इन खूबसूरत रंगों से शास्त्रीनगर स्थित दीपिका आर्ट गैलरी मानो तिरंगे के रंगों में रंग गई।
दीपिका आर्ट गैलरी एवं दीपिका आर्ट अकादमी की ओर से नेशनल आर्टिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘रंग तरंग—आजादी के रंग, कला के संग’ विषय पर भव्य पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 50 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
किसी ने तिरंगे में सजाया भारत, किसी ने वीरों को किया नमन
प्रतियोगिता में बच्चों ने आजादी और देशभक्ति को अपनी-अपनी कल्पना के अनुसार कैनवास पर उतारा। कई चित्रों में तिरंगा, भारत माता और देश की आन-बान-शान को प्रमुखता दी गई, वहीं कुछ कलाकृतियों में स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और देश के प्रति समर्पण की भावनाएं दिखाई दीं।
नन्हे कलाकारों ने रंगों और ब्रश के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि आजादी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि देश के वीरों के त्याग और बलिदान की अमूल्य विरासत है। कुछ चित्रों में पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और ‘विविधता में एकता’ की भावना भी देखने को मिली। बच्चों की कलाकृतियों में कहीं उगते सूरज के साथ नए भारत की तस्वीर दिखाई दी तो कहीं हाथों में तिरंगा लिए देश के भविष्य की उम्मीद नजर आई।
तीन आयु वर्गों में हुई प्रतियोगिता
आयोजक दीपिका पाराशर ने बताया कि प्रतियोगिता को जूनियर, सीनियर और सुपर सीनियर तीन आयु वर्गों में आयोजित किया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह और लगन के साथ चित्र बनाए और अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से जीवंत किया।
प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा इस बार कुछ उत्कृष्ट और विशेष रचनात्मक कलाकृतियों के लिए सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
नन्हे कलाकारों ने बिखेरे रंग
प्रतियोगिता में गुंजन बहेडिया, जोशनी कुमावत, नंदिनी सोनी, याशिका अग्रवाल, जया कोली, खुशनूर खान, पोशिका गुरवा, अनिरुद्ध जाट, यश बैरागी, छवि जगेटिया, रिधि रांका, श्रुति सोनी, मिताली बैरवा, पवि जैन, उमेमा आदिल, आराध्या कांठेड़, राधिका पर्दे, अक्षत वैष्णव, अथर्व औरवल, अर्पित जाट, राधिका तोषनीवाल, अंकुश मौर्या, रक्षण जोशी, ईशी इनानी, अविका तातेड़, तन्वी कोली, देवकिशन शर्मा, आराध्या चौधरी, पार्थ चपलोत, मनीष कोली, अश्विन फ्रैंक, एंजेल बोहरा, काव्य तोषनीवाल, शनाया कौर, सोहम बहरवानी, पार्थ नंदवानी, काशवी जैन, नित्या दरगड़, चित्रा बैरवा, पिनल चपलोत, ख्वाहिश रामचंदानी, अमोली जैन, चन्नाया शराफ, आराध्या शर्मा, पार्थ टेलर, अविनाश रमनानी, इरा इनानी, सर्वेश लाठी और मानविक तेजवानी सहित 50 बच्चों ने भाग लिया।
बच्चों की रंग-बिरंगी कलाकृतियों ने न केवल गैलरी की खूबसूरती बढ़ाई, बल्कि यह भी साबित किया कि देशभक्ति की भावना उम्र की मोहताज नहीं होती—कभी यह शब्दों में व्यक्त होती है तो कभी रंगों और रेखाओं में। प्रतियोगिता में बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह ने ‘आजादी के रंग, कला के संग’ की थीम को सार्थक कर दिया।
