हास्य-व्यंग्य के ठहाकों और वीर रस की हुंकार से गूंजा बिजौलिया, कवियों ने बांधा समां

देशभर से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध, देर रात तक जमा रही काव्य रस की महफिल
बिजौलिया। नगर पालिका की ओर से आयोजित तीन दिवसीय दशहरा महोत्सव के तहत सोमवार रात पुलिस थाने के सामने आयोजित कवि सम्मेलन में हास्य, व्यंग्य, वीर रस और गीतों का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा माहौल काव्यमय हो उठा। देश के विभिन्न शहरों से पहुंचे कवि-कवयित्रियों ने अपनी अनूठी शैली और प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को कभी ठहाके लगाने पर मजबूर किया तो कभी ओजपूर्ण रचनाओं से जोश भर दिया। तालियों की गूंज और श्रोताओं के उत्साह के बीच देर रात तक काव्य संध्या का रंग जमा रहा।
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सरस्वती वंदना से हुआ काव्य संध्या का आगाज
कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मेरठ से आई कवयित्री शुभम त्यागी ने मां सरस्वती की वंदना के साथ की। इसके बाद एक के बाद एक कवियों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। किसी ने हास्य-व्यंग्य के जरिए सामाजिक परिस्थितियों पर कटाक्ष किया तो किसी ने अपनी रचनाओं में समसामयिक विषयों और राष्ट्रप्रेम की भावनाओं को शब्दों में पिरोया। कवियों की अलग-अलग विधाओं और प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा।

कानू पंडित के हास्य ने लगाए ठहाके, दीपक पारीक की प्रस्तुतियों ने जीता दिल
उदयपुर से आए हास्य कवि कानू पंडित ने अपने चुटीले अंदाज और मनोरंजक रचनाओं से श्रोताओं को खूब हंसाया। वहीं पैरोडीकार संजीव सजल ने गीतों और पैरोडी के माध्यम से अपनी अलग छाप छोड़ी। भीलवाड़ा के कवि दीपक पारीक ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभालते हुए अपने काव्य पाठ से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया।
इंदौर से आए पंकज प्रसून ने अपनी रचनाओं के माध्यम से काव्य की विविध विधाओं का परिचय दिया, जबकि हास्य कवि मुन्ना बैटरी ने अपनी हास्यपूर्ण प्रस्तुतियों से माहौल को खुशनुमा बनाए रखा। उत्तर प्रदेश के वीर रस के कवि गौरव चौहान ने ओजस्वी काव्य पाठ से श्रोताओं में उत्साह का संचार किया।

राजस्थानी संस्कृति से लेकर वीर रस तक दिखे काव्य के रंग
राजस्थानी गीतकार राजकुमार बादल ने अपने गीतों के जरिए राजस्थान की संस्कृति और लोकभावनाओं को स्वर दिया। मांडलगढ़ के मनीष सुखवाल और कोटा के भूपेंद्र राठौर ने भी अपनी रचनाओं से काव्य संध्या को समृद्ध बनाया। विभिन्न विषयों और शैलियों में प्रस्तुत कविताओं ने कार्यक्रम को विविधतापूर्ण बना दिया। हास्य, संवेदना, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रप्रेम से सजी प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी।
दशहरा महोत्सव में साहित्यिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई रौनक
नगर पालिका की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में कवि सम्मेलन प्रमुख आकर्षण रहा। कार्यक्रम में विधायक गोपाल खंडेलवाल सहित जनप्रतिनिधि, नगरवासी और बड़ी संख्या में काव्य प्रेमी उपस्थित रहे। कवियों की प्रस्तुतियों ने महोत्सव को सांस्कृतिक और साहित्यिक रंग प्रदान किया। दशहरा महोत्सव के अंतिम दिन मंगलवार को केसरगंज स्थित दशहरा मैदान में पलकी नदी के पास रावण दहन किया जाएगा। इसके बाद पंचायत चौक पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन होगा। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ तीन दिवसीय दशहरा महोत्सव का समापन होगा।



