BHILWARA

*नन्हे पौधों को मिला जिंदगी का सुरक्षा कवच, परिषद,  प्रन्यास और छात्रावास के बच्चों ने रोपे 35 ट्री-गार्ड युक्त पौधे’*




सामूहिक श्रमदान से महका परिसर, प्रत्येक कार्यकर्ता व विद्यार्थी ने एक-एक पौधा गोद लेने का लिया संकल्प


पौधा लगाना पुण्य है, उसे पालना राष्ट्र सेवा का मूल मंत्र: गोविंद प्रसाद सोडाणी


  *भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)।* पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय पहल करते हुए भारत विकास परिषद  विवेकानंद शाखा, गुरु श्री कानिफनाथ छात्रावास और श्री केशव स्मृति सेवा प्रन्यास के संयुक्त तत्वावधान में तीसरे चरण में एक भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाखा अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल एवं सचिव केजी सोनी ने बताया कि इस पावन कार्य में प्रन्यास के कर्मठ कार्यकर्ताओं, परिषद के पदाधिकारियों और छात्रावास के ऊर्जावान विद्यार्थियों ने मिलकर सामूहिक श्रमदान किया, जिससे पूरा परिसर हरित चेतना से सराबोर हो उठा। कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थित कतारों में ट्री-गार्ड के साथ लगाए गए ये 35  नन्हे पौधे जामुन, आम, अमरूद, नीम, करंज, गुलमोहर, अशोक के पौधे पर्यावरण-अनुकूल और एक सुनहरे भविष्य की सुंदर तस्वीर पेश कर रहे हैं। इस दौरान गोविंद प्रसाद सोडाणी सहित वक्ताओं ने कहा कि धरती पर मुस्कुराती यह कतारबद्ध हरियाली सभी कार्यकर्ताओं और बच्चों की कड़ी मेहनत का जीवंत परिणाम है। पौधा लगाना पुण्य है, उसे पालना राष्ट्र सेवा है के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए इस अभियान में केवल पौधे लगाने पर ही जोर नहीं दिया गया, बल्कि उनके पूर्ण संरक्षण का भी ठोस खाका तैयार किया गया है। अभियान को महज एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखते हुए, इसे एक निरंतर चलने वाले संकल्प में बदला गया है। कार्यक्रम में उपस्थित मार्गदर्शकों ने एक आत्मीय अपील करते हुए कहा कि अब असली परीक्षा और सबसे बड़ी जिम्मेदारी इस रोपे गए परिश्रम को एक विशाल वटवृक्ष का रूप देने की है। इसके लिए परिषद के कार्यकर्ताओं, प्रन्यास के मार्गदर्शकों और विशेष रूप से छात्रावास के प्रिय विद्यार्थी भाइयों ने प्रतिदिन समय निकालकर इन नन्हे पौधों को पानी पिलाने और उनकी निरंतर देखरेख करने का जिम्मा उठाया है। हर एक बालक और कार्यकर्ता ने कम से कम एक-एक पौधे को गोद लेने का संकल्प लिया है, ताकि वे इसे अपने परिवार के सदस्य की तरह बड़ा होते देख सकें। इन पौधों को सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं का स्नेह और समय भी दिया जाएगा, जिससे ये बड़े होकर आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध हवा, शीतल छाया और एक स्वस्थ वातावरण उपहार में दे सकें। सिर्फ पौधा लगाना ही काफी नहीं, उसे जीवन देना असली संकल्प है। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक सुर में यह संकल्प लिया कि जब तक ये नन्हे पौधे खुद अपने पैरों पर खड़े होने और बड़े वृक्ष बनने के काबिल नहीं हो जाते, तब तक कोई भी अपनी इस श्हरित जिम्मेदारीश् से पीछे नहीं हटेगा। इस प्रेरक आयोजन ने समाज को यह संदेश दिया है कि यदि सामूहिक प्रयास और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो धरती को पुनः हरा-भरा और खुशहाल बनाया जा सकता है।

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