काछोला में सैकड़ों साल पुरानी परंपरा का आगाज, दीपावली मेले का फीता काटकर शुभारंभ

बाग के बालाजी चौक में सजे मनोरंजन के साधन और दुकानें, झूले-चकरी व सर्कस रहेंगे आकर्षण का केंद्र
असलम रंगरेज
काछोला। कस्बे के बाग के बालाजी चौक में शुक्रवार को पारंपरिक दीपावली मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि सरपंच गीता देवी माली, थाना प्रभारी बालकिशन शर्मा, ग्राम के प्रबुद्धजनों एवं समस्त वार्ड पंचों ने फीता काटकर किया।
मेले में झूले, चकरी, ड्रॉ गन, सर्कस सहित मनोरंजन के विभिन्न साधन पहुंचे हैं। वहीं, विभिन्न प्रकार के सामानों की दुकानें भी सजने लगी हैं। मेले में कस्बे सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
ग्राम पंचायत की ओर से कस्बे में विशेष विद्युत सजावट सहित मेले की तैयारियां की गई हैं। ग्राम पंचायत प्रतिनिधि अरविंद कुमार माली ने बताया कि पंचायत प्रशासन की ओर से साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, सुरक्षा एवं पेयजल जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो।
इस अवसर पर सरपंच गीता देवी माली, उपसरपंच वासुदेव पालीवाल, ठाकुर वंश प्रदीप सिंह सोलंकी,संदीप सोनी, भेरू लाल मंत्री, महावीर प्रसाद माली, डॉ. एन.के. सोनी, नंदलाल सालोलिया, रमेश चंद्र बसेर, उमराव सिंह सोलंकी, मोहम्मद शाबीर रंगरेज, राजेंद्र रेगर, दुर्गा शंकर आचार्य, अशोक सोनी, कैलाश चंद्र गगरानी, गोपाल आचार्य, दीपक शर्मा सहित ग्राम पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से भी मेले के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे, ताकि मेले में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
गौरतलब है कि काछोला का यह ऐतिहासिक दीपावली मेला सैकड़ों वर्षों से आयोजित होता आ रहा है। यह मेला क्षेत्र की लोक संस्कृति, आस्था और सामाजिक मेलजोल का प्रतीक माना जाता है। मेले को लेकर ग्रामवासियों में खासा उत्साह है। दीपावली के अवसर पर आयोजित यह आयोजन क्षेत्र की पुरानी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ ही आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश भी देता है।





