BHILWARA

कुमावत को मिली संस्कृत में डॉक्टरेट की उपाधि

शाहपुरा, पेसवानी
स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल शाहपुरा में कार्यरत संस्कृत के अध्यापक परमेश्वर प्रसाद कुमावत को संगम विश्वविद्यालय भीलवाड़ा ने उनके द्वारा किए गए संस्कृत भाषा में शोध कार्य पर पीएचडी की उपाधि प्रदान की है । कुमावत ने संस्कृत भाषा के आधुनिक महाकवि पंडित सत्यनारायण शास्त्री अजमेर द्वारा रचित दो दोहा साहित्य “श्रीसंस्कृतदोहा सप्तशती एवं साहित्यसुधासौहित्यम् का समीक्षात्मक अध्ययन” पर  डॉ रजनीश शर्मा के मार्गदर्शन में अपना शोध कार्य पूर्ण किया है । उन्होंने श्रीसंस्कृतदोहासप्तशती एवं साहित्यसुधासौहित्यम् के विभिन्न विषय पंडित सत्यनारायण शास्त्री के व्यक्तित्व एवं कृतित्व, उनकी शिक्षा, जीवन मूल्य, उनके द्वारा रचित साहित्य का सिंहावलोकन, शास्त्री जी का विशिष्ट चिंतन, विषयानुरूप दोहों के वर्गीकरण के अंतर्गत श्रमसवंलित, राष्ट्र प्रेम, संस्कृत-संस्कृति, मानवीयमूल्य, नैतिक मूल्य, साहित्य चेतना, कृषि-कृषक, शासन-शासक, धर्म-धार्मिक, नारी शक्ति, संस्कृत का महत्व, गुरु का महत्व, राजनीतिक चारित्र्य, धन का महत्व, सफलता के सूत्र, दुर्जन का चरित्र, अलसी का व्यक्तित्व, विभिन्न स्फुट आधारित विषयों का तुलनात्मक व समीक्षात्मक अध्ययन किया है । कुमावत ने शास्त्री जी के सम्पूर्ण व्यक्तित्व को अपने शोध कार्य के माध्यम से प्रकाशित करने का कार्य किया है ।

कुमावत अपने कार्य के प्रति निष्ठा व ईमानदारी, बालकों के सर्वांगीण विकास एवं विद्यालय के भौतिक विकास के लिए वर्ष 2021 में राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं । कुमावत मुलतः  सांगरिया के निवासी है । इनकी प्रारंभिक शिक्षा राजगढ़ (ब्यावरा), बांसवाड़ा, सांगरिया, सावर से वरिष्ठ उपाध्याय, अजमेर आचार्य महाविद्यालय से शास्त्री, जगतगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर से आचार्य का अध्ययन किया है । वर्तमान में कुमावत संस्कृत साहित्य, हिंदी, राजनीति विज्ञान व समाजशास्त्र विषय में एमए है । कुमावत पर्यावरण प्रेमी, संस्कृतानुरागी, कवि, लेखक एवं एक अच्छे वक्ता एवं मंच उद्घोषक है । वर्तमान में पुरस्कृत शिक्षक फोरम भीलवाड़ा जिला इकाई के सचिव है तथा पाथेय कण पाक्षिक पत्रिका के सह संपादक भी रह चुके हैं । कुमावत विद्यार्थी जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संस्कृत महाविद्यालय अजमेर ईकाई अध्यक्ष तथा जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के ईकाई अध्यक्ष भी रह चुके हैं ।

KAPIL SHYAM VIJAY

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