BHILWARA

सेवा की गरमाहट में लिपटी अम्बेडकर कॉलोनी,महामंडलेश्वर हंसराम जी के सानिध्य में जरूरतमंदों को मिली सर्दी से राहत    

                                                                                                  भीलवाड़ा मूलचन्द पेसवानी
जब समाज में संवेदना जिंदा हो, तब ठंड भी इंसानियत के आगे हार मान लेती है। ऐसा ही दृश्य शनिवार को अम्बेडकर कॉलोनी में देखने को मिला, जहां महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन के पावन सानिध्य एवं हरि सेवा धाम के तत्वावधान में एक सराहनीय सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जरूरतमंद परिवारों को सर्दी से राहत देने के उद्देश्य से शॉल वितरण किया गया।कार्यक्रम में संत श्री गोविंद जी साईं एवं संत श्री सिद्धार्थ जी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

संतों के सानिध्य में जब जरूरतमंदों के कंधों पर शॉल डाली गईं, तो केवल शरीर ही नहीं, बल्कि दिल भी गरमा उठे। सेवा, करुणा और मानवता का यह संदेश चुपचाप हर चेहरे पर मुस्कान छोड़ गया।सेवा से सजी सामाजिक समरसताइस सेवा कार्यक्रम का मूल उद्देश्य ठंड के मौसम में समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को सहारा देना रहा। आयोजन के दौरान सामाजिक समरसता और सहयोग की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में सेवा भाव जीवित है।

संतों के सानिध्य में हुए इस आयोजन में न कोई भेदभाव दिखा, न कोई औपचारिकता—सिर्फ इंसानियत नजर आई।सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारीइस पुण्य सेवा कार्य में छीतर मल गेंगट, पुरण लोट, महावीर गेंगट, रामगोपाल संगत, राकेश गेंगट, विशाल गारू, सुनील सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सेवा को सफल बनाया और भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया।आशीर्वचन के साथ समापनकार्यक्रम के अंत में संतों ने उपस्थित जनसमूह को आशीर्वचन प्रदान किए और समाज में सेवा, सहयोग व आपसी भाईचारे की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया। आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब संतों का सानिध्य और समाज की सहभागिता साथ आती है, तो सेवा केवल कार्य नहीं, बल्कि संस्कार बन जाती है।यह आयोजन एक बार फिर याद दिला गया—
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और मानवता ही सबसे बड़ी पूजा।

KAPIL SHYAM VIJAY

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