मानव सेवा की मिसाल- एमजी अस्पताल में मरीजों के परिजनों के लिए शुरू हुई ‘हरि शेवा छाया’

महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज की पहल, 100 गद्दे, गर्म कंबल, तकिये और चादरें भेंट, मात्र 20 रुपए सुविधा शुल्क पर मिलेगी विश्राम सामग्री
भीलवाड़ा। मूलचन्द पेसवानी
‘दीन-दुखियों की सेवा ही सच्ची ईश्वर भक्ति है’कृइस सनातन संदेश को साकार करते हुए हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज की प्रेरणा से मानव सेवा की एक नई पहल की गई है। जिला महात्मा गांधी अस्पताल परिसर स्थित मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों को रात में होने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के उद्देश्य से ‘हरि शेवा छाया’ रात्रि विश्राम व्यवस्था शुरू की गई है। इस पहल के तहत परिजनों के लिए 100 बिस्तरों का संपूर्ण सेट उपलब्ध कराया गया है, ताकि उन्हें अस्पताल परिसर में फर्श पर सोने की मजबूरी से राहत मिल सके और वे सम्मानजनक वातावरण में रात्रि विश्राम कर सकें।
अस्पतालों में दूर-दराज के गांवों और कस्बों से लोग अपने परिजनों का उपचार कराने पहुंचते हैं। कई बार मरीजों के साथ आए परिजनों को अस्पताल परिसर में ही रात गुजारनी पड़ती है। ऐसे में बिस्तर, कंबल और अन्य जरूरी सामग्री की कमी के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सर्दी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए हरि शेवा आश्रम की ओर से यह सेवा प्रकल्प शुरू किया गया है।
100 बिस्तरों का संपूर्ण सेट किया भेंट
‘हरि शेवा छाया’ के लिए हरि शेवा धर्मशाला की ओर से व्यापक स्तर पर बिस्तर सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसमें 100 गद्दे, 100 गर्म कंबल, 100 तकिये, तकियों के कवर सहित, 100 स्वच्छ चादरें, एक फोटोकॉपी मशीन और एक विशाल व मजबूत लकड़ी का तख्त शामिल है।
इस सामग्री के उपलब्ध होने से अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को रात्रि विश्राम के दौरान राहत मिल सकेगी। खासकर सर्दी के मौसम में गर्म कंबल और गद्दे उनके लिए उपयोगी साबित होंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल बिस्तर उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि कठिन समय से गुजर रहे परिवारों को मानवीय संवेदना और सहयोग का एहसास कराना भी है।
अस्पताल में मरीज के उपचार के दौरान परिजनों को मानसिक तनाव के साथ-साथ कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विश्राम की सुविधा मिलने से उन्हें कुछ राहत मिलेगी और वे अपने मरीज की देखभाल पर बेहतर ध्यान दे सकेंगे।
संत-महात्माओं का सान्निध्य, समाज के प्रबुद्धजन रहे मौजूद
इस पुनीत सेवा कार्य के शुभारंभ अवसर पर हरि शेवा उदासीन आश्रम के संत-महात्माओं का सान्निध्य रहा। कार्यक्रम में संत मायाराम जी, संत गोविंदराम जी एवं बालक मिहिर उपस्थित रहे। संतों ने जरूरतमंदों की सहायता को प्रभु सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप बताते हुए कहा कि संकट की घड़ी में असहाय लोगों को सहारा देना समाज का महत्वपूर्ण दायित्व है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चालक चांदमल सोमानी, सिंधी सेंट्रल पंचायत के महामंत्री चंद्रप्रकाश चंदनानी, उपाध्यक्ष रमेश खोतानी, कोषाध्यक्ष अनिल झामनानी, सांसद प्रवक्ता विनोद झूरानी, धर्मशाला के सचिव हेमंत वच्छानी, प्राचार्य श्यामलाल सांगावात, ईश्वरलाल आसनानी, अंबालाल नानकानी और पल्लवी वच्छानी सहित अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
उपस्थित अतिथियों ने हरि शेवा आश्रम की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जरूरतमंद परिवारों के लिए उपयोगी सेवा बताया। उनका कहना था कि अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले लोगों को चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ मानवीय सहयोग और बुनियादी सुविधाएं मिलना भी जरूरी है।
हेमन उस्ताद संभालेंगे व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी
‘हरि शेवा छाया’ में स्वच्छता, अनुशासन और सामग्री के उचित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ समाजसेवी हेमन उस्ताद और उनके सहयोगी हरीश राजवानी को व्यवस्थाओं की नियमित देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दोनों अपनी टीम के साथ विश्राम व्यवस्था का संचालन करेंगे। यहां ठहरने वाले परिजनों की सहायता करने, बिस्तर सामग्री के सुव्यवस्थित वितरण और उसके रखरखाव पर ध्यान दिया जाएगा। व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरतमंद लोगों को सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही स्वच्छता और व्यवस्था भी बनी रहे।
आधार कार्ड की कॉपी और 20 रुपए सुविधा शुल्क पर मिलेगी सामग्री
इस सेवा व्यवस्था के तहत परिजनों को आधार कार्ड की प्रति जमा कराने और न्यूनतम 20 रुपए सुविधा शुल्क देने पर बिस्तर सामग्री का एक सेट उपलब्ध कराया जाएगा। निर्धारित राशि सामग्री की स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से ली जाएगी।
इस व्यवस्था से सामग्री के वितरण और वापसी का रिकॉर्ड रखने में भी मदद मिलेगी। साथ ही बिस्तर सामग्री को साफ-सुथरा रखकर दूसरे जरूरतमंद परिजनों के उपयोग के लिए तैयार किया जा सकेगा।
अस्पताल में पहले भी सेवा कार्य करता रहा है आश्रम
हरि शेवा उदासीन आश्रम द्वारा महात्मा गांधी अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों के लिए पहले भी विभिन्न सेवा प्रकल्प संचालित किए जाते रहे हैं। भीषण गर्मी के दौरान अस्पताल आने वाले लोगों को राहत देने के लिए आश्रम की ओर से वाटर कूलर, बड़े कूलर और पंखों की व्यवस्था की गई थी।
इसके अलावा समय-समय पर अस्पताल परिसर में जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों के लिए भोजन वितरण की सेवा भी की जाती रही है। इन प्रयासों का उद्देश्य अस्पताल पहुंचने वाले लोगों को कठिन परिस्थितियों में यथासंभव सहयोग उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य, अन्नदान, पेयजल और आश्रय जैसी बुनियादी जरूरतों से जुड़े सेवा कार्यों के माध्यम से आश्रम सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में अपनी भागीदारी निभा रहा है।
सेवा और संवेदना से मजबूत होगा सामाजिक सहयोग
‘हरि शेवा छाया’ की शुरुआत ऐसे समय में हुई है, जब अस्पतालों में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए रात्रि विश्राम की सुविधा बेहद महत्वपूर्ण होती है। उपचार के दौरान परिवार के सदस्य अपने मरीज के पास रहना चाहते हैं, लेकिन उनके सामने रहने और आराम करने की समस्या बनी रहती है। ऐसे में 100 बिस्तरों की व्यवस्था जरूरतमंद परिवारों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन महाराज की प्रेरणा से शुरू की गई यह पहल धार्मिक आस्था को सामाजिक सेवा से जोड़ती है। इसका संदेश स्पष्ट है कि मानवता की सेवा केवल उपदेश तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति की वास्तविक परेशानी को समझकर उसका समाधान करने में है।
हरि शेवा आश्रम की इस पहल से अस्पताल आने वाले परिजनों को रात्रि विश्राम के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही यह प्रयास समाज के अन्य संगठनों और सेवाभावी लोगों को भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित कर सकता है।



