BHILWARA

*अभिभाषक संस्था शाहपुरा में संविधान संशोधन पर लगी मुहर की दिशा, बहुमत ने दिए बदलाव के संकेत साधारण सभा में 41 मत संशोधन के पक्ष में, नवोदित अधिवक्ताओं का हुआ सम्मान, लोकतांत्रिक परंपरा का दिखा सशक्त उदाहरण*



शाहपुरा। मूलचन्द पेसवानी
स्थानीय संस्था भवन परिसर शनिवार को उस समय लोकतांत्रिक विमर्श का साक्षी बना, जब अभिभाषक संस्था शाहपुरा की साधारण सभा में संस्था के संविधान में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर गंभीर, व्यापक और विचारोत्तेजक मंथन हुआ। संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में कार्यकारिणी द्वारा तैयार किए गए संविधान संशोधन के प्रारूप पर सदस्यों ने खुलकर अपने विचार रखे। बैठक का संचालन संस्था सचिव अरविंद सिंह राणावत ने प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया।

बैठक की शुरुआत सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई, जहां हाल ही में एआईबी (ऑल इंडिया बार) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नवोदित अधिवक्ताओं का गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यकारिणी और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने नवप्रवेशी वकीलों को माल्यार्पण कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस सम्मान समारोह ने सभा के वातावरण को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया।

इसके बाद सभा का मुख्य एजेंडा—संविधान संशोधन—पर चर्चा प्रारंभ हुई। कार्यकारिणी द्वारा तैयार किए गए संशोधन मसौदे पर सदस्यों ने विस्तृत और तथ्यपरक चर्चा की। कई सदस्यों ने अपने सुझाव एवं आपत्तियां भी दर्ज कराईं, जिससे चर्चा कभी-कभी तीखी लेकिन पूरी तरह लोकतांत्रिक और गरिमामय बनी रही। विभिन्न प्रार्थना पत्रों और सुझावों पर गंभीर विचार-विमर्श के बाद मतदान की प्रक्रिया अपनाई गई।

मतदान के परिणामों ने स्पष्ट कर दिया कि संस्था के अधिकांश सदस्य समय की आवश्यकताओं के अनुरूप संविधान में बदलाव के पक्षधर हैं। संशोधन प्रस्ताव के समर्थन में 41 मत पड़े, जबकि 9 सदस्यों ने विरोध में मतदान किया और एक सदस्य ने अपनी राय प्रकट नहीं की। इस स्पष्ट बहुमत के साथ साधारण सभा ने कार्यकारिणी को आवश्यक सुझावों और सदस्यों की राय को समाहित करते हुए संशोधन मसौदे को अंतिम रूप देकर आगे की प्रक्रिया पूरी करने की सहमति प्रदान की।

सभा में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रस्तावित संशोधन संस्था की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि समयानुकूल बदलाव संस्था की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ अधिवक्ताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

संस्था अध्यक्ष आशीष पालीवाल ने कहा कि अभिभाषक संस्था का उद्देश्य केवल संविधान में परिवर्तन करना नहीं, बल्कि संस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक सक्षम और सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक सुधार संस्था की आंतरिक कार्यप्रणाली को मजबूती देंगे तथा न्यायिक पेशे की गरिमा, गुणवत्ता और आमजन के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।

इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंकित शर्मा, कोषाध्यक्ष तेज प्रकाश पाठक, पुस्तकालय अध्यक्ष धनराज वैष्णव, सह-सचिव प्रीति जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकचंद नौलखा, दुर्गालाल राजोरा, कन्हैयालाल धाकड़, गोविंद सिंह, कल्याणमल धाकड़, रामप्रसाद चौधरी, कैलाश सुवालका, अनिल शर्मा, अमन ओझा, भगवान मीणा, बिल्कुल शर्मा, राहुल साहू, अंकित मालू, महेंद्र रायका सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे। सभी ने संस्था के विकास और लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक के समापन पर संस्था सचिव अरविंद सिंह राणावत ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साधारण सभा में मिला बहुमत कार्यकारिणी के लिए एक सकारात्मक संदेश है। संस्था सदस्यों की भावनाओं और सुझावों का सम्मान करते हुए संविधान संशोधन की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाएगी। यह बैठक अभिभाषक संस्था शाहपुरा में लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में याद की जाएगी।

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